
Chappie (2015) - AI Robot Learns Humanity | Sci-Fi Action Movie HD
Description
Chappie (2015) एक बेहद ही शानदार, इमोशनल और विचारोत्तेजक (thought-provoking) साइंस फिक्शन एक्शन फिल्म है, जिसका निर्देशन 'डिस्ट्रिक्ट 9' (District 9) फेम नील ब्लॉमकैंप (Neill Blomkamp) ने किया है। यह फिल्म आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), चेतना (Consciousness), इंसानियत और नैतिकता जैसे गहरे विषयों पर एक बहुत ही अनोखा और मार्मिक नजरिया पेश करती है। कहानी दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग शहर पर आधारित है, जहां अपराध और हिंसा चरम पर है। पुलिस बल की कमी और अपराधियों के बढ़ते हौसलों को कुचलने के लिए दक्षिण अफ्रीकी सरकार 'टेट्रावाल' (Tetravaal) नाम की एक प्राइवेट वेपन कंपनी से एडवांस पुलिस रोबोट्स (Scouts) खरीदती है। ये पुलिस रोबोट्स शहर में शांति स्थापित करने में बेहद सफल होते हैं। इन रोबोट्स को बनाने वाला एक बेहद ही टैलेंटेड और युवा इंजीनियर है, डियोन विल्सन (देव पटेल)। डियोन का सपना सिर्फ हथियार बनाना नहीं है; वह एक ऐसी 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस' बनाना चाहता है जो इंसानों की तरह सोच सके, कविता लिख सके, कला बना सके और भावनाएं महसूस कर सके। दिन-रात की कड़ी मेहनत के बाद, डियोन आखिरकार वह AI कोड बना लेता है। लेकिन कंपनी की सीईओ (सिगॉरनी वीवर) उसे इस कोड को किसी रोबोट में डालने की अनुमति नहीं देती। डियोन चुपके से 'स्काउट नंबर 22' नाम के एक डैमेज्ड और कबाड़ हो चुके पुलिस रोबोट को चुरा लेता है ताकि वह उसमें अपना AI कोड इंस्टॉल कर सके। लेकिन रास्ते में ही डियोन को शहर के तीन खूंखार और सनकी गैंगस्टर्स—निंजा, योलान्डी और अमेरिका—अगवा कर लेते हैं। इन गैंगस्टर्स को एक बहुत बड़ी डकैती (Heist) करनी है और वे डियोन से चाहते हैं कि वह उन्हें पुलिस रोबोट्स को बंद करने का रिमोट दे दे। डियोन उन्हें समझाता है कि ऐसा कोई रिमोट नहीं है, लेकिन वह उन्हें उस डैमेज्ड रोबोट (नंबर 22) को दिखाता है और उसमें अपना नया AI कोड इंस्टॉल कर देता है। रोबोट के चालू होते ही एक चमत्कार होता है। यह रोबोट किसी मशीन की तरह नहीं, बल्कि एक डरे हुए छोटे बच्चे की तरह व्यवहार करता है। योलान्डी (जो फिल्म में एक बहुत ही अजीब लेकिन ममतामयी गुंडी का किरदार निभा रही है) उस रोबोट का नाम 'चैपी' (Chappie) रखती है। चैपी को कुछ नहीं आता; वह शब्दों को सुनकर बोलना सीखता है, टीवी देखकर चीजों को समझता है और अपने आस-पास के माहौल से इंसानी व्यवहार की नकल करता है। डियोन चाहता है कि चैपी एक अच्छा इंसान बने, वह उसे पेंटिंग करना और नैतिकता सिखाता है। लेकिन निंजा (गैंगस्टर) चैपी को अपनी तरह एक खूंखार अपराधी, 'गैंगस्टर नंबर वन' बनाना चाहता है। निंजा चैपी को बंदूक चलाना, गालियां देना और लोगों को लूटना सिखाता है। चैपी का मासूम दिमाग समझ नहीं पाता कि क्या सही है और क्या गलत। वह योलान्डी को अपनी 'मम्मी' और निंजा को अपना 'डैडी' मानने लगता है। इस बीच, टेट्रावाल कंपनी में डियोन का एक जलने वाला प्रतिद्वंद्वी, विंसेंट मूर (ह्यू जैकमैन) है। विंसेंट एक पूर्व सैनिक है जिसने 'द मूस' (The Moose) नाम का एक भारी-भरकम, विनाशकारी और रिमोट-कंट्रोल्ड जंगी रोबोट बनाया है। लेकिन डियोन के पुलिस रोबोट्स की सफलता के कारण मूस को कोई नहीं खरीदता। विंसेंट डियोन से नफरत करता है और जब उसे चैपी के बारे में पता चलता है, तो वह पूरे शहर के पुलिस रोबोट्स का सिस्टम हैक करके उन्हें बंद कर देता है, जिससे शहर में भयंकर दंगे और अपराध शुरू हो जाते हैं। विंसेंट का मकसद अपने मूस रोबोट को शहर में उतारकर अपनी ताकत साबित करना है। चैपी की बैटरी (जो उसके सीने में वेल्ड की गई थी) धीरे-धीरे खत्म हो रही है। जब चैपी को पता चलता है कि वह कुछ ही दिनों में 'मर' जाएगा (बैटरी खत्म होने से), तो उसे मौत से डर लगने लगता है। वह इंटरनेट और कंप्यूटर की मदद से चेतना (Consciousness) को मशीन में ट्रांसफर करने का एक अद्भुत तरीका खोज निकालता है। फिल्म का क्लाइमैक्स बेहद ही हिंसक और रोंगटे खड़े कर देने वाला है। निंजा का गैंग डकैती कर रहा होता है, तभी विंसेंट अपने विशालकाय और खूंखार 'मूस' रोबोट को उन पर हमला करने के लिए भेज देता है। मूस गैंगस्टर्स पर भारी गोलाबारी करता है। इस हमले में योलान्डी (चैपी की मम्मी) चैपी को बचाते हुए अपनी जान दे देती है। अपनी 'मम्मी' की मौत देखकर चैपी के अंदर एक भयंकर और इंसानी गुस्सा फूट पड़ता है। वह मूस को पूरी तरह से तहस-नहस कर देता है और सीधे कंपनी में जाकर विंसेंट मूर को बुरी तरह पीटता है। इस लड़ाई में डियोन (चैपी का असली रचयिता) भी गोली लगने से मरने की कगार पर पहुँच जाता है। अंत में, चैपी अपनी खोजी हुई तकनीक का इस्तेमाल करके मरते हुए डियोन की 'चेतना' को एक पुलिस रोबोट में ट्रांसफर कर देता है, जिससे डियोन रोबोट के रूप में हमेशा के लिए अमर हो जाता है। इसके बाद डियोन उसी तकनीक से चैपी की चेतना को भी एक नए रोबोट में डाल देता है। 'Chappie' सिर्फ एक्शन नहीं, बल्कि यह सवाल पूछती है कि अगर एक मशीन में आत्मा आ जाए, तो क्या वह इंसानों से भी ज्यादा दयालु और बेहतर हो सकती है?
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Movie Details
Language
English
Category
hollywood
Duration
2h 0m
Release Year
2015











