
Gully Boy (2019) - Rap & Street Life Drama | Ranveer Singh | Full Movie HD
Description
Gully Boy (2019) भारतीय सिनेमा की एक कल्ट-क्लासिक और बेहद प्रेरणादायक म्यूजिकल ड्रामा फिल्म है, जो मुंबई की तंग और घुटन भरी झुग्गियों (Dharavi) से निकलकर सफलता के आसमान को छूने वाले एक युवा रैपर की कहानी है। यह फिल्म भारतीय अंडरग्राउंड हिप-हॉप (Underground Hip-Hop) और स्ट्रीट रैप कल्चर को एक बहुत ही यथार्थवादी, कच्चे और भावनात्मक तरीके से पर्दे पर प्रस्तुत करती है। फिल्म की कहानी असल जिंदगी के रैपर्स डिवाइन (Divine) और नेज़ी (Naezy) की जीवन यात्रा से काफी हद तक प्रेरित है। कहानी के केंद्र में है मुराद अहमद (रणवीर सिंह), एक 22 वर्षीय शर्मीला, अंतर्मुखी और एक साधारण परिवार का लड़का, जिसके सीने में शब्दों का ज्वालामुखी धधक रहा है। मुराद का जीवन किसी भी आम झुग्गी में रहने वाले लड़के जैसा ही संघर्षपूर्ण है। उसके पिता आफताब (विजय राज) एक ड्राइवर हैं, जिनका मानना है कि एक गरीब आदमी को सपने देखने का कोई हक नहीं होता—'नौकर का बेटा नौकर ही बनेगा'। हालात तब और बदतर हो जाते हैं जब मुराद के पिता एक दूसरी और बहुत ही छोटी उम्र की औरत से शादी करके उसे घर ले आते हैं। इस घटना से मुराद की माँ (अमृता सुभाष) बुरी तरह टूट जाती है, और घर का माहौल हमेशा तनाव और लड़ाई-झगड़ों से भरा रहता है। इस घुटन भरी जिंदगी, समाज की असमानता, अमीरों और गरीबों के बीच की गहरी खाई और अपने अस्तित्व की तलाश—इन सभी भावनाओं को मुराद कागज़ पर अपनी कविता और रैप (Rap) के रूप में उतारने लगता है। उसका एक ही सहारा है—उसकी बचपन की दोस्त और गर्लफ्रेंड सफीना (आलिया भट्ट)। सफीना एक मेडिकल स्टूडेंट है जो स्वभाव से बेहद गुस्सैल, पजेसिव (possessive) और निडर है। वह मुराद से बेइंतहा प्यार करती है और उसके आसपास किसी दूसरी लड़की को बर्दाश्त नहीं कर सकती। सफीना और मुराद का रिश्ता फिल्म का एक बहुत ही खूबसूरत और मजबूत हिस्सा है। सफीना के बिना मुराद की जिंदगी अधूरी है, क्योंकि वह इकलौती ऐसी इंसान है जो उसे अपनी असलियत से भागने नहीं देती और हमेशा उसे उसका हक मांगने के लिए प्रेरित करती है। मुराद की जिंदगी में असली बदलाव तब आता है जब वह कॉलेज के एक फेस्ट में एक लोकल स्ट्रीट रैपर एमसी शेर (MC Sher - सिद्धांत चतुर्वेदी) को परफॉर्म करते हुए देखता है। एमसी शेर की आत्मविश्वास से भरी परफॉरमेंस मुराद को अंदर तक झकझोर देती है। मुराद एमसी शेर से मिलता है, और एमसी शेर उसकी झिझक तोड़कर उसे अपनी आवाज दुनिया तक पहुंचाने का हौसला देता है। शेर मुराद का मार्गदर्शक (Mentor) और सबसे अच्छा दोस्त बन जाता है। वह मुराद को 'गल्ली बॉय' (Gully Boy) का स्टेज नाम देता है। दोनों मिलकर मुराद का पहला म्यूजिक वीडियो 'मेरी गल्ली में' (Mere Gully Mein) शूट करते हैं और उसे इंटरनेट पर डाल देते हैं। यह वीडियो रातों-रात वायरल हो जाता है और मुराद की जिंदगी एक नया मोड़ ले लेती है। इस बीच, मुराद की मुलाकात एक अमीर, बिंदास और मशहूर म्यूजिक प्रोड्यूसर स्काई (कल्कि कोचलिन) से होती है। स्काई मुराद के टैलेंट से बहुत प्रभावित होती है और उसे एक नया गाना रिकॉर्ड करने का मौका देती है। स्काई के आने से मुराद और सफीना के रिश्ते में बहुत बड़ी दरार आ जाती है। सफीना की जलन और उसका गुस्सा हिंसक रूप ले लेता है, जिसके कारण वह स्काई पर हमला कर देती है और पुलिस स्टेशन पहुंच जाती है। मुराद को इस बात का अहसास होता है कि उसके सपनों के रास्ते में उसका प्यार और उसका परिवार दांव पर लगा हुआ है। वह अपने पिता से बगावत करके घर छोड़ देता है और अपने चाचा के गैरेज में रहकर रात-दिन सिर्फ अपने रैप पर फोकस करता है। उसका गाना 'दूरी' (Doori) उसकी इसी मानसिक उथल-पुथल को दर्शाता है। फिल्म का अंतिम और सबसे रोमांचक भाग एक बड़े रैप-बैटल टूर्नामेंट से जुड़ा है। भारत में एक बहुत बड़े इंटरनेशनल आर्टिस्ट का कॉन्सर्ट होने वाला होता है, और उसके लिए ओपनिंग एक्ट चुनने के लिए पूरे शहर के रैपर्स के बीच एक महामुकाबला (Rap Battle) आयोजित किया जाता है। मुराद इस बैटल में हिस्सा लेता है। उसका रास्ता आसान नहीं होता, क्योंकि उसे शहर के सबसे खतरनाक और अनुभवी रैपर्स का सामना करना पड़ता है। इसी टूर्नामेंट में मुराद और एमसी शेर को भी एक-दूसरे के खिलाफ लड़ना पड़ता है, लेकिन उनकी दोस्ती में कोई कड़वाहट नहीं आती। क्लाइमैक्स में मुराद स्टेज पर आग लगा देता है। उसका गाना 'अपना टाइम आएगा' (Apna Time Aayega) सिर्फ एक गाना नहीं, बल्कि उन लाखों-करोड़ों युवाओं की आवाज़ बन जाता है जो सदियों से सिस्टम और समाज के हाथों कुचले गए हैं। इस गाने में मुराद का गुस्सा, उसका जुनून और उसकी भूख सब कुछ बाहर आ जाता है। वह रैप बैटल जीत जाता है और रातों-रात एक सुपरस्टार बन जाता है। फिल्म के अंत में, मुराद के पिता को भी अपनी गलती का अहसास होता है और वह अपने बेटे की सफलता को देखकर भावुक हो जाते हैं। मुराद और सफीना फिर से एक हो जाते हैं। Gully Boy सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक क्रांति है जो यह सिखाती है कि इंसान का टैलेंट किसी झुग्गी या गरीबी का मोहताज नहीं होता, और अगर सच्ची लगन हो, तो 'अपना टाइम' खुद लाना पड़ता है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
bollywood
Duration
2h 34m
Release Year
2019










