Ramayan EP 1 - श्री राम भगवान् का जन्म और बाललीला | Ram Janam Special Episode
Ramayan EP 1 - श्री राम भगवान् का जन्म और बाललीला | Ram Janam Special Episode
Description
Ramayan (1987) का पहला एपिसोड भारतीय टेलीविजन इतिहास का एक ऐतिहासिक और अत्यंत पवित्र अध्याय है, जो रामानंद सागर की इस अमर कृति की नींव रखता है। इस एपिसोड की शुरुआत भगवान विष्णु के क्षीरसागर में विश्राम और देवताओं द्वारा रावण के अत्याचारों से मुक्ति पाने के लिए की गई प्रार्थना से होती है। रावण, जिसने ब्रह्मा और शिव से वरदान प्राप्त कर तीनों लोकों में हाहाकार मचा रखा है, के अंत के लिए भगवान विष्णु पृथ्वी पर मानव रूप में अवतार लेने का आश्वासन देते हैं। इसके बाद कहानी पृथ्वी पर इक्ष्वाकु वंश की पवित्र और समृद्ध नगरी 'अयोध्या' की ओर मुड़ती है। अयोध्या के राजा दशरथ, जो एक महान, प्रतापी और धर्मपरायण शासक हैं, के पास धन, वैभव और शांति सब कुछ है, लेकिन उनके जीवन में एक बहुत बड़ा सूनापन है—उनका कोई उत्तराधिकारी नहीं है। अपनी इस पीड़ा को वे अपने कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ के सामने प्रकट करते हैं। महर्षि वशिष्ठ उन्हें सांत्वना देते हैं और 'पुत्रकामेष्टि यज्ञ' कराने की सलाह देते हैं। श्रृंगी ऋषि के कुशल मार्गदर्शन में यह महान यज्ञ संपन्न होता है। यज्ञ की पूर्णाहुति पर स्वयं अग्निदेव यज्ञ कुंड से प्रकट होते हैं और राजा दशरथ को एक दिव्य खीर (पायस) का पात्र देते हैं। राजा दशरथ इस दिव्य खीर को अपनी तीनों रानियों—कौशल्या, कैकेयी और सुमित्रा—में बाँट देते हैं। इसके बाद आता है वह परम पावन और बहुप्रतीक्षित क्षण—चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि (राम नवमी)। शुभ नक्षत्रों और ग्रहों के अद्भुत योग में माता कौशल्या के गर्भ से स्वयं भगवान विष्णु 'श्री राम' के रूप में अवतार लेते हैं। उसी समय माता कैकेयी भरत को और माता सुमित्रा जुड़वा भाइयों—लक्ष्मण और शत्रुघ्न को जन्म देती हैं। चारों राजकुमारों के जन्म से अयोध्या में आनंद की लहर दौड़ जाती है। देवता आसमान से पुष्प वर्षा करते हैं, गंधर्व गान करते हैं और अयोध्या की प्रजा सड़कों पर उतरकर नाचती-गाती है। राजा दशरथ खुशी से ब्राह्मणों और गरीबों को अपार दान देते हैं। एपिसोड का दूसरा भाग भगवान राम और उनके भाइयों की अत्यंत मनमोहक 'बाल लीलाओं' (बचपन की घटनाओं) को समर्पित है। पालने में खेलते राम की मधुर मुस्कान, घुटनों के बल चलते हुए उनकी ठुमक-ठुमक चाल, और माताओं का अपने पुत्रों के प्रति वात्सल्य प्रेम दर्शकों की आँखों में आंसू ला देता है। चारों भाइयों के बीच बचपन से ही असीम प्रेम और जुड़ाव दिखाया गया है, विशेषकर राम और लक्ष्मण, तथा भरत और शत्रुघ्न की जोड़ी। यह एपिसोड न केवल भगवान के जन्म की कथा है, बल्कि यह परिवार, वात्सल्य, धर्म और भक्ति का एक अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक अनुभव है। श्री राम की बाल लीलाएं देखने वालों के मन को शांति और दिव्यता से भर देती हैं, और यहीं से धर्म और मर्यादा की एक नई युग की शुरुआत होती है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
ramayan
Duration
Episode 1 (Full Episode)
Release Year
1987












