
Ramayan EP 12 - भरत-शत्रुघ्न कैकेयी प्रदेश जाते हैं
Description
Ramayan (1987) का बारहवां एपिसोड श्री राम के विवाह के बाद अयोध्या में बिताए गए सुखद पलों और उसके बाद आने वाले उस वियोग की शुरुआत की कहानी है, जो भविष्य के महान महाकाव्य की नींव रखता है। अयोध्या में चारों नवदंपति सुखपूर्वक अपना वैवाहिक जीवन व्यतीत कर रहे हैं। चारों बहुओं ने अपनी सेवा, विनम्रता और सुशीलता से पूरे राजपरिवार का हृदय जीत लिया है। श्री राम और माता सीता का वैवाहिक जीवन प्रेम और आदर्शों की पराकाष्ठा पर है। इसी बीच, अयोध्या राजमहल में रानी कैकेयी के मायके (कैकेय देश) से उनके भाई युधाजित का आगमन होता है। वे राजा दशरथ को बताते हैं कि कैकेय नरेश (भरत के नाना) अपने नाती भरत से मिलने के लिए अत्यंत व्याकुल हैं और उन्होंने भरत को कुछ दिनों के लिए कैकेय प्रदेश भेजने का आग्रह किया है। राजा दशरथ, जो अपने सभी पुत्रों से असीम प्रेम करते हैं, कुछ दिनों के लिए इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेते हैं। भरत अपने पिता की आज्ञा मानकर कैकेय जाने के लिए तैयार होते हैं, और उनके सबसे प्रिय भाई शत्रुघ्न भी उनके साथ जाने का निर्णय लेते हैं。 विदाई का यह दृश्य अत्यंत भावुक है। भरत और शत्रुघ्न अपने पिता राजा दशरथ, माताओं और विशेषकर अपने अग्रज श्री राम से विदा लेते हैं। श्री राम और भरत का आपसी प्रेम इतना गहरा है कि उनका बिछड़ना दोनों के लिए कष्टकारी होता है। किसी को इस बात का आभास नहीं है कि भरत का यह प्रस्थान अयोध्या के इतिहास और रघुकुल के भाग्य को हमेशा के लिए बदलने वाला है। भरत और शत्रुघ्न के जाने के बाद अयोध्या में एक अजीब सा सन्नाटा छा जाता है। यह एपिसोड एक प्रकार से उस तूफान से पहले की शांति है, जो जल्द ही रानी कैकेयी और दासी मंथरा के रूप में अयोध्या के राजमहल में दस्तक देने वाला है। एपिसोड दर्शकों के मन में आने वाली घटनाओं के प्रति एक गहरी उत्सुकता और चिंता जगा देता है।
Leave a Comment
Movie Details
Language
Hindi
Category
ramayan
Duration
Episode 12 (Full Episode)
Release Year
1987