Ramayan EP 15 - श्रीराम-कौशल्या संवाद | HQ Widescreen | English Subtitles
Ramayan EP 15 - श्रीराम-कौशल्या संवाद | HQ Widescreen | English Subtitles
Description
Ramayan (1987) का पंद्रहवां एपिसोड त्याग, पितृभक्ति और एक आदर्श पुत्र के परम धर्म को बहुत ही गहराई और आंसुओं के साथ पर्दे पर प्रस्तुत करता है। 'कोप भवन' में राजा दशरथ कैकेयी के उन दो कठोर वरदानों (भरत को राज और राम को 14 वर्ष का वनवास) को सुनकर पूरी तरह टूट चुके हैं। वे कैकेयी के सामने गिड़गिड़ाते हैं, रोते हैं और यहाँ तक कि उसके पैर भी पकड़ते हैं, लेकिन कैकेयी पत्थर की तरह कठोर बनी रहती है। राजा दशरथ राम के वियोग की कल्पना मात्र से अचेत हो जाते हैं। सुबह जब सुमंत जी और अन्य लोग राजा को जगाने आते हैं, तो वहां का दृश्य देखकर सन्न रह जाते हैं। श्री राम को वहां बुलाया जाता है। जब राम अपने पिता को इस दयनीय अवस्था में देखते हैं, तो वे कैकेयी से इसका कारण पूछते हैं। रानी कैकेयी बिना किसी संकोच के राम को उन दो वचनों के बारे में बताती है। इस पूरे महाकाव्य का सबसे महान क्षण यही है—एक ओर जहाँ दुनिया सत्ता और राजपाट के लिए खून बहा देती है, वहीं श्री राम अत्यंत शांत, सौम्य और प्रसन्न मुद्रा में कैकेयी की बातें सुनते हैं। वे कहते हैं, "बस इतनी सी बात? मेरे लिए तो यह बड़े सौभाग्य की बात है कि मेरे कारण मेरे पिता का वचन झूठा नहीं होगा और मेरे प्रिय भाई भरत को राजसिंहासन मिलेगा।" श्री राम बिना एक पल भी गंवाए वन जाने का संकल्प ले लेते हैं। इसके बाद वह अत्यंत हृदयविदारक प्रसंग आता है, जब श्री राम अपनी माता कौशल्या से वन जाने की अनुमति और आशीर्वाद लेने उनके कक्ष में जाते हैं। माता कौशल्या, जो अपने पुत्र के राज्याभिषेक की पूजा कर रही थीं, राम के मुख से वनवास की बात सुनकर मूर्छित होकर गिर पड़ती हैं। होश में आने पर वे फूट-फूट कर रोती हैं और एक विवश माँ की तरह राम को वन जाने से रोकती हैं। वे कहती हैं कि एक पिता से अधिक अधिकार एक माता का होता है, और वे राम को अयोध्या छोड़ने की आज्ञा नहीं देंगी। लेकिन श्री राम माता कौशल्या को धर्म और रघुकुल की मर्यादा (रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाई पर वचन न जाई) का पाठ पढ़ाते हैं। वे समझाते हैं कि यदि उन्होंने पिता के वचन का पालन नहीं किया, तो संसार हमेशा के लिए धर्म से विमुख हो जाएगा। अंततः एक महान माँ अपने महान पुत्र को भारी मन और आंसुओं के साथ वन जाने का आशीर्वाद देती है। इस एपिसोड में श्री राम की अचलता (Equanimity) और माता कौशल्या की पीड़ा का जो चित्रण है, वह किसी भी दर्शक की आंखों से आंसू छलकने पर मजबूर कर देता है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
ramayan
Duration
Episode 15 (Full Episode)
Release Year
1987












