Ramayan EP 16 - श्रीराम-सीता-लक्ष्मण का वन गमन | HQ Widescreen | English Subtitles
Ramayan EP 16 - श्रीराम-सीता-लक्ष्मण का वन गमन | HQ Widescreen | English Subtitles
Description
Ramayan (1987) का सोलहवां एपिसोड पूरे महाकाव्य के सबसे हृदयविदारक और करुणा से भरे दृश्यों में से एक है। श्री राम द्वारा वनवास स्वीकार करने के बाद, अब उनके प्रस्थान का समय आ गया है। माता सीता और भाई लक्ष्मण भी राम के बिना अयोध्या में रहने को तैयार नहीं हैं। माता सीता महलों के सारे सुख त्याग कर अपने पति के साथ वन के कांटों पर चलने का संकल्प लेती हैं, और लक्ष्मण एक परछाई की तरह अपने बड़े भाई की सेवा के लिए उनके साथ जाने की जिद करते हैं। जब राम, सीता और लक्ष्मण अपने राजकीय वस्त्र और आभूषण उतारकर तपस्वियों के 'वल्कल' (पेड़ों की छाल के) वस्त्र धारण करते हैं, तो पूरे राजमहल में हाहाकार मच जाता है। माता कौशल्या और सुमित्रा अपने बच्चों को इस भिक्षुक रूप में देखकर बेसुध हो जाती हैं। राजा दशरथ, जो शोक से पूरी तरह टूट चुके हैं, राम को रोकने का अंतिम प्रयास करते हैं, लेकिन राम धर्म के मार्ग पर अडिग हैं। मंत्री सुमंत रथ लेकर आते हैं ताकि वे राम को वन की सीमा तक छोड़ सकें। जैसे ही रथ राजमहल से बाहर निकलता है, पूरी अयोध्या नगरी फूट-फूट कर रोने लगती है। प्रजा अपने प्रिय राजकुमार को जाते हुए नहीं देख सकती, इसलिए हजारों लोग रोते-बिलखते रथ के पीछे-पीछे दौड़ने लगते हैं। राजा दशरथ "राम... राम..." पुकारते हुए रथ के पीछे नंगे पैर दौड़ पड़ते हैं। यह दृश्य इतना मार्मिक है कि पत्थर दिल इंसान की आँखों से भी आंसू छलक आएं। यह एपिसोड त्याग, पतिव्रत धर्म और भाई के प्रति निस्वार्थ प्रेम का सबसे महान उदाहरण है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
ramayan
Duration
Episode 16 (Full Episode)
Release Year
1987












