Ramayan EP 17 - राम का श्रृंगवेरपुर पहुँचना | HQ Widescreen | English Subtitles
Ramayan EP 17 - राम का श्रृंगवेरपुर पहुँचना | HQ Widescreen | English Subtitles
Description
Ramayan (1987) का सत्रहवां एपिसोड वनवास यात्रा के पहले पड़ाव और भक्त तथा भगवान के बीच एक अत्यंत पवित्र मिलन को दर्शाता है। अयोध्या की प्रजा जो श्री राम के रथ के पीछे-पीछे आई थी, तमसा नदी के तट पर रात में सो जाती है। श्री राम नहीं चाहते थे कि प्रजा उनके साथ वन में भटके और कष्ट सहे, इसलिए वे रात के अंधेरे में ही सुमंत और लक्ष्मण के साथ चुपचाप वहाँ से आगे बढ़ जाते हैं। सुबह जागने पर अयोध्यावासी खुद को ठगा हुआ पाते हैं और विलाप करते हुए खाली हाथ अयोध्या लौट जाते हैं। आगे की यात्रा करते हुए राम, सीता और लक्ष्मण पवित्र गंगा नदी के तट पर स्थित 'श्रृंगवेरपुर' नामक राज्य में पहुँचते हैं। यह निषादराज गुह का राज्य है, जो भील और वनवासी समुदाय के राजा हैं और श्री राम के परम सखा भी हैं। जब निषादराज गुह को पता चलता है कि अयोध्या के राजकुमार वनवासी के रूप में उनके राज्य में आए हैं, तो वे दौड़कर उनके पास आते हैं और राम के चरणों में गिरकर रोने लगते हैं। निषादराज गुह श्री राम से प्रार्थना करते हैं कि वे वन में जाने के बजाय उनके राज्य श्रृंगवेरपुर में ही रहें और वहाँ का राज-पाट संभालें। लेकिन श्री राम विनम्रतापूर्वक उन्हें समझाते हैं कि पिता की आज्ञा के अनुसार उन्हें 14 वर्ष मुनियों का जीवन ही बिताना है। यह एपिसोड सामाजिक समानता और प्रेम का एक बहुत बड़ा संदेश देता है। भगवान राम एक चक्रवर्ती सम्राट के पुत्र होने के बावजूद एक वनवासी (निषादराज) को अपने गले लगाते हैं और उन्हें अपना सखा मानते हैं। राम के लिए भक्ति और प्रेम ही सबसे बड़ा पैमाना है, जाति या कुल नहीं। रात में जब श्री राम और सीता जमीन पर कुश (घास) के बिस्तर पर सोते हैं, तो निषादराज और लक्ष्मण पहरा देते हैं। यह दृश्य त्याग और निस्वार्थ सेवा का प्रतीक है।
Leave a Comment
Movie Details
Language
Hindi
Category
ramayan
Duration
Episode 17 (Full Episode)
Release Year
1987












