
Chhalaang (2020) - Sports Comedy Drama Movie | Rajkummar Rao | Full Movie HD
Description
Chhalaang (2020) एक बेहद ही प्रेरणादायक, हल्की-फुल्की और दिल को छू लेने वाली स्पोर्ट्स कॉमेडी-ड्रामा फिल्म है, जो हरियाणा के एक छोटे से शहर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म की कहानी सिर्फ खेलों के बारे में नहीं है, बल्कि यह एक इंसान के आत्म-सम्मान, अपनी कमियों को पहचानने और जीवन में एक 'छलांग' लगाने की कहानी है। फिल्म के मुख्य किरदार का नाम मोंटू (राजकुमार राव) है, जो एक सरकारी स्कूल में पीटी (Physical Training) टीचर है। मोंटू स्वभाव से बेहद आलसी, लापरवाह और अपने काम के प्रति पूरी तरह से गैर-जिम्मेदार है। उसके लिए पीटी क्लास का मतलब सिर्फ बच्चों को मैदान में खेलने के लिए छोड़ देना है। उसे अपने भविष्य की कोई चिंता नहीं है और वह अपने पिता के प्रभाव के कारण नौकरी में बिना कोई मेहनत किए बना हुआ है। मोंटू की जिंदगी में तब एक नया मोड़ आता है जब स्कूल में एक नई और बेहद खूबसूरत कंप्यूटर टीचर, नीलिमा ऊर्फ नीलू (नुसरत भरूचा) की एंट्री होती है। नीलू एक स्वतंत्र, समझदार और बेबाक विचारों वाली लड़की है। मोंटू को पहली नजर में ही नीलू से प्यार हो जाता है। वह नीलू को इम्प्रेस करने की पूरी कोशिश करता है और धीरे-धीरे दोनों के बीच एक अच्छी दोस्ती भी हो जाती है। मोंटू को लगने लगता है कि उसकी जिंदगी अब पूरी तरह से सेट है और उसे बस ऐसे ही दिन गुजारने हैं। लेकिन कहानी में असली ट्विस्ट तब आता है जब स्कूल में एक नए, बेहद अनुशासित और कड़क सीनियर पीटी टीचर, इंदर मोहन सिंह (मोहम्मद जीशान अय्यूब) की नियुक्ति होती है। मिस्टर सिंह न सिर्फ खेल के मामलों में मोंटू से कहीं ज्यादा योग्य और पेशेवर हैं, बल्कि उनका व्यक्तित्व भी बहुत प्रभावशाली है। सिंह के आते ही स्कूल में मोंटू की बची-खुची अहमियत भी खत्म होने लगती है। इतना ही नहीं, मोंटू को अपना पीटी टीचर का मुख्य पद छोड़कर मिस्टर सिंह का असिस्टेंट बनना पड़ता है, जो मोंटू के अहंकार (ego) को गहरी चोट पहुंचाता है। हालात तब और बिगड़ जाते हैं जब मोंटू को लगता है कि मिस्टर सिंह नीलू के भी करीब आ रहे हैं और नीलू भी उनकी काबिलियत से प्रभावित है। मोंटू अपनी नौकरी, अपना आत्म-सम्मान और अपना प्यार सब कुछ खोता हुआ महसूस करता है। इसी हताशा और गुस्से में, मोंटू मिस्टर सिंह को एक खुली चुनौती दे डालता है। वह शर्त रखता है कि दोनों टीचर्स अपनी-अपनी एक स्पोर्ट्स टीम बनाएंगे और दोनों टीमों के बीच तीन खेलों (बास्केटबॉल, 400 मीटर रिले रेस और कबड्डी) की एक प्रतियोगिता होगी। जो भी यह मुकाबला जीतेगा, वह स्कूल का मुख्य पीटी टीचर रहेगा और हारने वाले को स्कूल छोड़ना पड़ेगा। मिस्टर सिंह इस चुनौती को स्वीकार कर लेते हैं और स्कूल के सबसे बेहतरीन, मजबूत और एथलेटिक बच्चों को अपनी टीम में चुन लेते हैं। अब मोंटू के पास सिर्फ वे बच्चे बचते हैं जो शारीरिक रूप से कमजोर हैं, जिन्हें खेलों में कोई दिलचस्पी नहीं है, या जिन्हें कभी खेलने का मौका ही नहीं मिला। यहीं से मोंटू के अंदर का सोया हुआ असली शिक्षक जागता है। वह पहली बार अपनी जिंदगी में किसी चीज को गंभीरता से लेता है। नीलू और अपने दोस्त शुक्ला जी (सौरभ शुक्ला) की मदद से मोंटू इन कमजोर और आत्मविश्वास खो चुके बच्चों को ट्रेनिंग देना शुरू करता है। मोंटू की ट्रेनिंग के तरीके बिल्कुल देसी और अनोखे होते हैं। वह बच्चों को कुत्तों और गायों के पीछे दौड़ाकर उनकी स्पीड बढ़ाता है, खेतों में काम करवाकर उनकी ताकत बढ़ाता है और उन्हें शारीरिक के साथ-साथ मानसिक रूप से भी मजबूत बनाता है। इस दौरान फिल्म यह भी बहुत ही सुंदर संदेश देती है कि लड़कियों को भी खेलों में लड़कों के बराबर मौका मिलना चाहिए। फिल्म का क्लाइमैक्स बेहद रोमांचक और भावनाओं से भरा हुआ है। दोनों टीमों के बीच होने वाला मुकाबला कांटे की टक्कर का होता है। मिस्टर सिंह की टीम तकनीकी रूप से बहुत मजबूत है, लेकिन मोंटू की टीम के पास जुनून और कुछ कर गुजरने की आग है। बास्केटबॉल और रिले रेस के बाद मुकाबला आखिरी खेल, कबड्डी पर आ टिकता है। कबड्डी के मैच में मोंटू की टीम अपने जज्बे और शानदार टीम वर्क से मिस्टर सिंह की मजबूत टीम को धूल चटा देती है। अंत में मोंटू न सिर्फ मुकाबला जीतता है, बल्कि वह मिस्टर सिंह, स्कूल और अपने माता-पिता का सम्मान भी जीत लेता है। नीलू भी मोंटू की इस मेहनत और लगन को देखकर उसे अपना जीवनसाथी चुन लेती है। 'Chhalaang' सिर्फ एक हार-जीत की कहानी नहीं है, बल्कि यह सिखाती है कि जब कोई इंसान अपनी पूरी क्षमता को पहचान लेता है और ठान लेता है, तो वह जीवन में कोई भी बड़ी 'छलांग' लगा सकता है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
bollywood
Duration
2h 16m
Release Year
2020










