
Jolly LLB 2 (2017) - Courtroom Drama | Akshay Kumar | Full Movie HD
Description
Jolly LLB 2 (2017) भारतीय सिनेमा की एक बेहतरीन और अत्यधिक प्रभावशाली कोर्टरूम ड्रामा (Courtroom Drama) फिल्म है, जो देश की न्याय व्यवस्था, पुलिस भ्रष्टाचार और एक आम इंसान के जमीर (conscience) के जागने की कहानी को बहुत ही यथार्थवादी, व्यंग्यात्मक और भावनात्मक तरीके से पेश करती है। यह फिल्म 2013 में आई 'Jolly LLB' का स्पिरिचुअल सीक्वल है। कहानी की शुरुआत कानपुर के एक बेहद ही चालाक, जुगाड़ू और संघर्षरत वकील, जगदीशवर मिश्रा ऊर्फ 'जॉली' (अक्षय कुमार) से होती है। जॉली एक बहुत ही नामी वकील के पास असिस्टेंट के तौर पर काम करता है, लेकिन उसका काम वकालत कम और अपने बॉस के लिए चाय लाना या उसकी जी-हुजूरी करना ज्यादा है। जॉली की जिंदगी का एक ही सपना है—लखनऊ कोर्ट में अपना खुद का एक चैंबर (Chamber) खरीदना, ताकि वह एक आजाद और बड़ा वकील बन सके। अपने इसी स्वार्थ और लालच के चलते, जॉली एक दिन एक बहुत बड़ा पाप कर बैठता है। वह हिना सिद्दीकी (सयानी गुप्ता) नाम की एक लाचार, गर्भवती और विधवा औरत को धोखा देता है। हिना का पति, जो बिल्कुल निर्दोष था, पुलिस के एक भ्रष्ट इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह (कुमुद मिश्रा) द्वारा एक झूठे एनकाउंटर (Fake Encounter) में मारा जा चुका है। हिना न्याय के लिए दर-दर भटक रही है। जॉली हिना से झूठ बोलता है कि उसका बॉस यह केस लड़ेगा और इस बहाने वह हिना से दो लाख रुपये ठग लेता है। इन्ही पैसों से जॉली अपना सपनों का चैंबर खरीद लेता है और अपनी पत्नी पुष्पा (हुमा कुरैशी) के साथ जश्न मनाता है। लेकिन कहानी में एक दर्दनाक मोड़ तब आता है जब हिना को जॉली के इस धोखे और लालच के बारे में पता चलता है। हिना भरी अदालत के सामने जॉली को जलील करती है और उसे एक बिकाऊ और बेगैरत इंसान कहती है। न्याय की कोई उम्मीद न देखकर, हिना उसी रात आत्महत्या कर लेती है। हिना की मौत जॉली की आत्मा को अंदर तक झकझोर कर रख देती है। उसका सारा लालच और खुशी एक भारी अपराधबोध (guilt) में बदल जाती है। पहली बार जॉली को यह अहसास होता है कि उसके एक झूठ ने एक मासूम औरत की जान ले ली। अपने पापों का प्रायश्चित करने और हिना को न्याय दिलाने के लिए, जॉली खुद इस केस को लड़ने का फैसला करता है। यहीं से शुरू होती है सिस्टम के खिलाफ एक आम वकील की सबसे बड़ी लड़ाई। जॉली का मुकाबला लखनऊ के सबसे बड़े, ताकतवर, और घमंडी वकील प्रमोद माथुर (अन्नू कपूर) से होता है। माथुर पैसों और रसूख के बल पर कोर्टरूम को अपनी जेब में रखता है। इसके साथ ही, जज सुंदरलाल त्रिपाठी (सौरभ शुक्ला) का किरदार भी फिल्म की एक बहुत बड़ी जान है। जज त्रिपाठी एक बहुत ही दिलचस्प इंसान हैं, जो बाहर से भले ही मजाकिया और लापरवाह लगते हों (जिन्हें अपनी बेटी की शादी और दिल की बीमारी की चिंता लगी रहती है), लेकिन अंदर से वे न्याय के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। जब केस की सुनवाई शुरू होती है, तो प्रमोद माथुर अपनी ताकत और झूठे गवाहों के दम पर जॉली को हर कदम पर नीचा दिखाता है। जॉली को पुलिस इंस्पेक्टर सूर्यवीर सिंह से भी जान से मारने की धमकियां मिलती हैं। यहाँ तक कि जॉली पर जानलेवा हमला भी होता है। लेकिन जॉली पीछे नहीं हटता। सच का पता लगाने के लिए जॉली खुद अपनी जान जोखिम में डालकर कश्मीर (जम्मू और कश्मीर) जाता है। वहां जाकर वह सबूत इकट्ठा करता है और उस असली आतंकवादी को ढूंढ निकालता है जिसे पुलिस ने जिंदा छोड़ दिया था, और जिसके बदले हिना के निर्दोष पति को मार दिया गया था। फिल्म का आखिरी हिस्सा और कोर्टरूम का क्लाइमैक्स बेहद ही दमदार, तनावपूर्ण और रोमांचक है। जब जॉली कश्मीर से असली गवाहों और सबूतों को लेकर लखनऊ लौटता है, तो कोर्टरूम में एक भूचाल आ जाता है। जॉली और प्रमोद माथुर के बीच होने वाली बहस, तर्कों का आदान-प्रदान और जिरह दर्शकों के रोंगटे खड़े कर देती है। जॉली अपने दमदार तर्कों से यह साबित कर देता है कि हिना के पति का एनकाउंटर पूरी तरह से फर्जी था और इसके पीछे इंस्पेक्टर सूर्यवीर का प्रमोशन पाने का लालच था। क्लाइमैक्स में अक्षय कुमार का डायलॉग डिलीवरी और उनका गुस्सा फिल्म को एक अलग ही स्तर पर ले जाता है। जज त्रिपाठी (सौरभ शुक्ला) का अंतिम फैसला और भारतीय न्यायपालिका की स्थिति पर उनका मार्मिक भाषण हर दर्शक की आंखें नम कर देता है। अंततः, सच्चाई की जीत होती है, इंस्पेक्टर सूर्यवीर को उम्रकैद की सजा सुनाई जाती है, और हिना की आत्मा को न्याय मिलता है। 'Jolly LLB 2' केवल एक कोर्टरूम ड्रामा नहीं है, बल्कि यह एक ऐसे इंसान की कहानी है जो अपनी गलतियों से सीखता है और सच्चाई की खातिर मौत के मुंह में जाने से भी नहीं डरता।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
bollywood
Duration
2h 20m
Release Year
2017










