
Ramayan EP 5 - ताड़का वध | विश्वामित्र-यज्ञ की रक्षा | Shri Ram Kills Tadaka
Ramayan EP 5 - ताड़का वध | विश्वामित्र-यज्ञ की रक्षा | Shri Ram Kills Tadaka
Description
Ramayan (1987) का पांचवां एपिसोड भारतीय महाकाव्य का वह महत्वपूर्ण और रोमांचक अध्याय है, जहाँ भगवान श्री राम पहली बार बुराई और असुर शक्तियों के विरुद्ध अस्त्र उठाते हैं। यह एपिसोड धर्म की रक्षा, गुरु की आज्ञा के पालन और दुष्टों के संहार की अत्यंत ओजस्वी गाथा प्रस्तुत करता है। कहानी की शुरुआत महर्षि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन से होती है। महर्षि विश्वामित्र और अन्य ऋषि-मुनि जंगलों में रहकर घोर तपस्या और लोक-कल्याण के लिए बड़े-बड़े यज्ञ करते हैं। लेकिन ताड़का, मारीच और सुबाहु जैसे खूंखार राक्षस उनके आश्रमों को अपवित्र कर देते हैं और निर्दोष मुनियों की हत्या कर देते हैं। अपनी तपस्या को भंग होने से बचाने और राक्षसों के आतंक का अंत करने के लिए विश्वामित्र राजा दशरथ के दरबार में आते हैं और उनसे उनके ज्येष्ठ पुत्र श्री राम को अपने साथ ले जाने की मांग करते हैं। राजा दशरथ, जो राम से असीम प्रेम करते हैं, इस मांग को सुनकर घबरा जाते हैं। वे कहते हैं कि राम अभी बहुत छोटे हैं और इतने भयंकर राक्षसों का सामना नहीं कर सकते। वे स्वयं अपनी चतुरंगिणी सेना लेकर मुनि के साथ जाने का प्रस्ताव रखते हैं। लेकिन महर्षि वशिष्ठ राजा दशरथ को समझाते हैं कि राम कोई साधारण बालक नहीं हैं और महर्षि विश्वामित्र के साथ जाने से उनका और भी अधिक कल्याण होगा। अंततः भारी मन से दशरथ राम और उनके साथ लक्ष्मण को मुनि विश्वामित्र को सौंप देते हैं। वन की ओर प्रस्थान करते हुए, विश्वामित्र राम और लक्ष्मण को 'बला' और 'अतिबला' नाम की दो गुप्त विद्याएं सिखाते हैं, जिससे उन्हें कभी भूख, प्यास या थकान नहीं लगेगी। जैसे ही वे दंडक वन में प्रवेश करते हैं, उनका सामना अत्यंत खूंखार और विशालकाय राक्षसी 'ताड़का' से होता है। ताड़का, जिसके पास हजार हाथियों का बल है, अपने मायावी शक्तियों से पत्थर और पेड़ बरसाने लगती है। शुरुआत में श्री राम एक स्त्री पर बाण चलाने में संकोच करते हैं, क्योंकि धर्म शास्त्रों में स्त्री वध को पाप माना गया है। लेकिन महर्षि विश्वामित्र उन्हें समझाते हैं कि जो स्त्री धर्म का नाश कर रही हो और निर्दोषों की हत्यारी हो, उसका वध करना ही परम धर्म है। गुरु की आज्ञा पाकर, श्री राम अपने धनुष की टंकार करते हैं और एक ही अचूक बाण से ताड़का का अंत कर देते हैं। ताड़का वध से पूरे वन क्षेत्र में शांति छा जाती है और देवता आकाश से पुष्प वर्षा करते हैं। इसके बाद श्री राम और लक्ष्मण विश्वामित्र के सिद्धाश्रम में यज्ञ की रक्षा का दायित्व संभालते हैं। जब मारीच और सुबाहु अपनी राक्षसी सेना के साथ यज्ञ को अपवित्र करने के लिए आकाश मार्ग से रक्त और मांस बरसाने आते हैं, तब श्री राम 'मानवास्त्र' का प्रयोग कर मारीच को बिना मारे ही सौ योजन दूर समुद्र पार फेंक देते हैं, और सुबाहु को 'आग्नेयास्त्र' से भस्म कर देते हैं। यह एपिसोड श्री राम के शौर्य, उनके पराक्रम और यह संदेश देता है कि जब धर्म पर संकट आए, तो एक आदर्श क्षत्रिय का परम कर्तव्य है कि वह अधर्म का नाश करे।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
ramayan
Duration
Episode 5 (Full Episode)
Release Year
1987











