Toonpur Ka Superrhero (2010) - Action Adventure Comedy Movie | Ajay Devgn | Full Movie HD
Toonpur Ka Superrhero (2010) - Action Adventure Comedy Movie | Ajay Devgn | Full Movie HD
Description
Toonpur Ka Superrhero (2010) भारतीय सिनेमा की एक बेहद ही अनोखी, मनोरंजक और अपनी तरह की पहली लाइव-एक्शन 3डी एनीमेशन मिश्रित फिल्म है, जो हॉलीवुड की कल्ट फिल्मों जैसे 'स्पेस जैम' (Space Jam) या 'हू फ्रेम्ड रोजर रैबिट' की तर्ज पर बनाई गई है। यह फिल्म एक्शन, एडवेंचर, फैंटेसी और कॉमेडी का एक भरपूर पैकेज है, जिसे विशेष रूप से बच्चों और परिवारों के लिए डिज़ाइन किया गया था। कहानी की शुरुआत आदित्य कुमार (अजय देवगन) से होती है, जो बॉलीवुड का एक बहुत बड़ा, मशहूर और रियल-लाइफ एक्शन सुपरस्टार है। आदित्य फिल्मों में अपने स्टंट खुद करने और दुश्मनों की धुनाई करने के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। उसकी एक बेहद ही प्यारी पत्नी प्रिया (काजोल) और दो प्यारे बच्चे—कबीर और श्रुति हैं। लेकिन आदित्य की असल जिंदगी में एक बहुत बड़ी समस्या है। उसका बेटा कबीर अपने पिता को एक 'नकली हीरो' मानता है। कबीर का सोचना है कि उसके पिता सिर्फ कैमरे के सामने स्टंट करते हैं, क्योंकि उन्हें केबल्स (cables) और सेफ्टी गद्दों का सहारा मिलता है। कबीर असली हीरो कार्टून दुनिया के उन किरदारों को मानता है, जो बिना किसी डर के हर मुसीबत का सामना करते हैं। एक पिता के रूप में आदित्य अपने बेटे की इस बात से बहुत दुखी और आहत रहता है। वह किसी भी कीमत पर अपने बेटे की नज़र में एक 'असली सुपरहीरो' साबित होना चाहता है। इसी दौरान, आदित्य की जिंदगी में एक ऐसा चमत्कारिक मोड़ आता है जिसने विज्ञान और कल्पना की सारी हदें पार कर दीं। आदित्य रहस्यमयी तरीके से किडनैप हो जाता है, लेकिन यह किडनैपिंग इंसानों ने नहीं, बल्कि 'टूनपुर' (Toonpur) नाम की एक एनिमेटेड कार्टून दुनिया के किरदारों ने की है! जब आदित्य को होश आता है, तो वह खुद को एक रंग-बिरंगी, जादुई और एनिमेटेड दुनिया (Toonpur) में पाता है। वहां उसकी मुलाकात 'देवटून्स' (Devtoons) नाम के अच्छे और प्यारे कार्टून किरदारों से होती है। देवटून्स आदित्य को बताते हैं कि उनका अपहरण इसलिए किया गया है क्योंकि टूनपुर में हाहाकार मचा हुआ है। देवटून्स के दुश्मन 'टूनासुर' (Toonasurs)—जो कि बुरे, खूंखार और शैतानी कार्टून किरदार हैं—ने टूनपुर पर कब्ज़ा करने की योजना बना ली है। टूनासुरों का नेता बेहद क्रूर और शक्तिशाली है, और उसने देवटून्स की जिंदगी नर्क बना दी है। देवटून्स ने आदित्य की फिल्में देखी थीं और उन्हें लगता है कि आदित्य ही वो मसीहा है जो टूनासुरों को हरा सकता है और टूनपुर में शांति ला सकता है। शुरुआत में आदित्य पूरी तरह से घबरा जाता है। वह देवटून्स को समझाने की कोशिश करता है कि वह सिर्फ एक एक्टर है, कोई असली सुपरहीरो नहीं, और वह एनीमेशन की इस जादुई दुनिया में नहीं लड़ सकता जहाँ भौतिकी (Physics) के नियम काम नहीं करते। लेकिन जब उसे अहसास होता है कि यह उसके पास अपने बेटे कबीर को गलत साबित करने और एक असली हीरो बनने का सुनहरा मौका है, तो वह देवटून्स की मदद करने का फैसला करता है। यहीं से फिल्म का असली एडवेंचर और कॉमेडी शुरू होती है। आदित्य को कार्टून दुनिया के अजीबोगरीब हथियारों, बेतुके नियमों और अजीब भौतिकी के साथ तालमेल बिठाना पड़ता है। एक इंसान का कार्टून किरदारों के साथ लड़ना और बात करना फिल्म में बेहद ही हास्यपूर्ण दृश्य पैदा करता है। आदित्य देवटून्स के साथ मिलकर टूनासुरों के खिलाफ एक रणनीतिक युद्ध की तैयारी करता है। लेकिन कहानी में एक बड़ा ट्विस्ट तब आता है जब टूनासुरों को पता चलता है कि आदित्य की ताकत उसका परिवार है। टूनासुरों का नेता एक पोर्टल खोलकर असल दुनिया से आदित्य के परिवार—प्रिया, कबीर और श्रुति—को अगवा करके टूनपुर ले आता है और उन्हें बंधक बना लेता है। अब आदित्य के लिए यह लड़ाई सिर्फ टूनपुर को बचाने की नहीं, बल्कि अपने परिवार को बचाने की एक व्यक्तिगत जंग बन जाती है। फिल्म का क्लाइमैक्स बेहद ही भव्य, रंगीन और एक्शन से भरपूर है। आदित्य अपने अंदर के सारे डर को पीछे छोड़कर एक असली हीरो की तरह टूनासुरों के किले पर हमला कर देता है। बिना किसी हार्नेस या कैमरे की मदद के, आदित्य कार्टून राक्षसों से भिड़ जाता है, जादुई हथियारों का इस्तेमाल करता है और अपनी जान दांव पर लगा देता है। यह देखकर कबीर की आँखें फटी की फटी रह जाती हैं। उसे अहसास होता है कि उसका पिता पर्दे पर ही नहीं, बल्कि असल जिंदगी में भी एक बहुत बड़ा सुपरहीरो है। भारी ड्रामे और कॉमेडी के बीच आदित्य टूनासुरों के नेता का खात्मा कर देता है, अपने परिवार को बचाता है और देवटून्स को उनकी आज़ादी वापस दिलाता है। अंततः, आदित्य अपने परिवार के साथ रियल वर्ल्ड (असल दुनिया) में वापस आ जाता है, लेकिन इस बार वह अपने बच्चों का सबसे बड़ा 'सुपरहीरो' बनकर लौटता है। 'Toonpur Ka Superrhero' एक बहुत ही दिल को छू लेने वाली और मजेदार फिल्म है, जो यह सिखाती है कि असली हीरो वह होता है जो अपने परिवार के लिए किसी भी हद तक जा सके।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
bollywood
Duration
1h 55m
Release Year
2010











