
Ramayan EP 13 - श्री राम के राज्याभिषेक की तैयारी s
Description
Ramayan (1987) का तेरहवां एपिसोड अयोध्या के इतिहास के सबसे सुखद और सबसे दुखद मोड़ के बीच की एक बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी है। भरत और शत्रुघ्न के कैकेय प्रदेश चले जाने के बाद, राजा दशरथ को एक दिन दर्पण में अपने सफेद बाल देखकर इस बात का अहसास होता है कि उनका शरीर अब वृद्ध हो रहा है और अब उन्हें राजकाज का भार अपने सुयोग्य और ज्येष्ठ पुत्र श्री राम को सौंप देना चाहिए। वे इस विचार को अपने कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ, मंत्रियों और राज्य की प्रजा के प्रतिनिधियों के समक्ष रखते हैं। सभी एक स्वर में राजा दशरथ के इस प्रस्ताव का स्वागत करते हैं, क्योंकि श्री राम अपनी विनम्रता, पराक्रम और न्यायप्रियता से पूरी अयोध्या के प्राण बन चुके थे। जब राजा दशरथ श्री राम को अपने पास बुलाकर उन्हें यह शुभ समाचार देते हैं कि अगले ही दिन उनका राज्याभिषेक (Coronation) होने वाला है, तो श्री राम के चेहरे पर कोई विशेष अहंकार या अति-उत्साह नहीं दिखता। वे इसे केवल अपने पिता की आज्ञा और ईश्वर का आदेश मानकर विनम्रतापूर्वक स्वीकार कर लेते हैं। गुरु वशिष्ठ श्री राम और माता सीता को राज्याभिषेक से पूर्व किए जाने वाले उपवास और विशेष अनुष्ठानों का पालन करने का निर्देश देते हैं। जैसे ही अयोध्यावासियों को यह पता चलता है कि उनके प्रिय राम कल अयोध्या के नए राजा बनने वाले हैं, तो पूरे नगर में खुशी की लहर दौड़ जाती है। पूरी अयोध्या नगरी को रातों-रात स्वर्ग से भी सुंदर सजा दिया जाता है। हर घर में दीप जलाए जाते हैं, मंगल गीत गाए जाते हैं, और लोग खुशी से झूम उठते हैं। लेकिन इस अपार आनंद और उत्सव के वातावरण के बीच, नियति (Destiny) कुछ और ही खेल रच रही है। यह एपिसोड इस बात का एक बहुत बड़ा दार्शनिक प्रमाण है कि जीवन में सुख और दुख कितने क्षणभंगुर होते हैं। जब पूरी अयोध्या कल के जश्न की तैयारियों में डूबी होती है, तभी महल के एक कोने में एक ऐसी चिंगारी सुलग रही होती है, जो पूरे रघुकुल को भस्म कर देगी। यह एपिसोड दर्शकों के मन में एक अजीब सी बेचैनी पैदा करता है, क्योंकि वे जानते हैं कि यह खुशी सिर्फ कुछ ही पलों की है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
ramayan
Duration
Episode 13 (Full Episode)
Release Year
1987