Ramayan EP 47 - हनुमान का सीताजी से चूड़ामणि पाना

Ramayan EP 47 - हनुमान का सीताजी से चूड़ामणि पाना

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Ramayan EP 47 - हनुमान का सीताजी से चूड़ामणि पाना

9
Episode 47 (Full Episode)
1987
HDAdventureDramaFamilyFantasy

Description

रामानंद सागर की 'रामायण' (1987) का सैंतालीसवां (47वां) एपिसोड भक्ति, वियोग और एक भक्त द्वारा भगवान को दिए गए सबसे अनमोल उपहार (संदेश) की एक अत्यंत भावुक कहानी है। अपनी पूंछ की आग से रावण की सोने की लंका को भस्म करके उसके अहंकार को धूल में मिलाने के पश्चात, हनुमान जी समुद्र में अपनी पूंछ की आग बुझाते हैं। लंका से वापस लौटने से पूर्व, वे एक बार फिर माता सीता के पास अशोक वाटिका में जाते हैं ताकि उनसे अंतिम विदाई ले सकें और उन्हें यह विश्वास दिला सकें कि जल्द ही श्री राम लंका पर आक्रमण करेंगे। माता सीता, जो श्री राम के वियोग में अत्यंत व्याकुल हैं, हनुमान जी को वापस जाते देख फूट-फूट कर रोने लगती हैं। वे हनुमान जी से कहती हैं कि एक महीने का समय बहुत लंबा है, और यदि श्री राम जल्द नहीं आए, तो वे सीता को जीवित नहीं पाएंगे। माता सीता श्री राम को अपना संदेश देने के लिए हनुमान जी को अपनी 'चूड़ामणि' (बालों में लगाया जाने वाला एक अत्यंत बहुमूल्य और पवित्र आभूषण) उतारकर निशानी के तौर पर देती हैं। वे कहती हैं कि जब श्री राम इस चूड़ामणि को देखेंगे, तो उन्हें विश्वास हो जाएगा कि हनुमान वास्तव में सीता से मिलकर आए हैं। माता सीता का आशीर्वाद और चूड़ामणि लेकर हनुमान जी महेंद्र पर्वत की चोटी से वापस एक विशाल छलांग लगाते हैं और समुद्र पार कर उस पार खड़े अंगद, जाम्बवंत और अन्य वानरों से मिलते हैं। हनुमान जी को जीवित और सफल लौटता देख पूरी वानर सेना में अपार खुशी की लहर दौड़ जाती है। सभी वानर खुशी से झूम उठते हैं और किष्किंधा की ओर प्रस्थान करते हैं। रास्ते में वे सुग्रीव के 'मधुवन' (सुंदर बगीचे) में प्रवेश करते हैं और खुशी के मारे वहां के सारे फल खा जाते हैं और रक्षकों को पीट देते हैं। सुग्रीव समझ जाते हैं कि यदि वानर इतनी खुशी में हैं, तो अवश्य ही वे सीता माता का पता लगाकर आए हैं। अंततः, हनुमान जी श्री राम के पास पहुँचते हैं और उनके चरणों में गिर पड़ते हैं। हनुमान जी माता सीता की वह पवित्र 'चूड़ामणि' श्री राम के हाथों में सौंप देते हैं। चूड़ामणि को देखते ही श्री राम का हृदय वियोग और पीड़ा से भर उठता है। वे उस आभूषण को अपने सीने और आंखों से लगा लेते हैं और एक साधारण मनुष्य की भांति फूट-फूट कर रोने लगते हैं। श्री राम हनुमान जी को गले लगाते हैं और कहते हैं कि इस महान कार्य के लिए वे हनुमान के आजीवन ऋणी रहेंगे। यह एपिसोड सीता-राम के अलौकिक प्रेम और हनुमान जी की असीम भक्ति का एक बहुत ही मर्मस्पर्शी चित्रण है।

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Movie Details

Language

Hindi

Category

ramayan

Duration

Episode 47 (Full Episode)

Release Year

1987

Ramayan EP 47 - हनुमान का सीताजी से चूड़ामणि पाना
HD
9

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