Ramayan EP 51 - समुद्र पार करने के लिए विचार

0:00 / 0:00

Ramayan EP 51 - समुद्र पार करने के लिए विचार

9
Episode 51 (Full Episode)
1987
HDAdventureDramaFamilyFantasy

Description

रामायण (1987) का इक्यावनवां (51वां) एपिसोड एक ओर जहाँ भगवान श्री राम की असीम कृपा और दूरदर्शिता को दर्शाता है, वहीं दूसरी ओर प्रकृति (समुद्र) के अहंकार और उसे पार करने की एक अत्यंत गंभीर कूटनीतिक चुनौती को प्रस्तुत करता है। विभीषण को अपनी शरण में लेने और उन्हें समुद्र के जल से लंका के भावी राजा के रूप में प्रतीकात्मक रूप से राज्याभिषेक करने के पश्चात, श्री राम के सामने सबसे बड़ी और तात्कालिक समस्या यह है कि इस सौ योजन (हजारों मील) चौड़े और अथाह समुद्र को कैसे पार किया जाए। करोड़ों वानरों की सेना के पास न तो कोई जहाज है और न ही उड़ने की जादुई शक्ति। श्री राम एक युद्ध परिषद (War Council) बुलाते हैं, जिसमें सुग्रीव, हनुमान, जाम्बवंत, अंगद और नव-शरणार्थी विभीषण शामिल होते हैं। सभी अपनी-अपनी राय रखते हैं। विभीषण, जो लंका और समुद्र की भौगोलिक स्थिति को बहुत अच्छी तरह समझते हैं, एक अत्यंत तार्किक और कूटनीतिक उपाय सुझाते हैं। विभीषण बताते हैं कि समुद्र देवता (वरुण) असल में श्री राम के इक्ष्वाकु वंश (राजा सगर) के ही पूर्वजों के प्रयासों से इतने विशाल रूप में विस्तारित हुए थे। इसलिए, समुद्र श्री राम के वंश का ऋणी और एक प्रकार से उनका सखा या पूर्वज ही है। विभीषण श्री राम को सलाह देते हैं कि वे समुद्र से प्रार्थना करें और रास्ता मांगें, क्योंकि समुद्र अवश्य ही उनका मान रखेगा। श्री राम इस नीतिपूर्ण और अहिंसक मार्ग को सहर्ष स्वीकार कर लेते हैं। वे कहते हैं कि शक्ति का प्रयोग करने से पहले विनय और प्रार्थना का मार्ग अपनाना ही धर्म है। श्री राम अपने अस्त्र-शस्त्र एक ओर रख देते हैं और समुद्र तट पर कुश (घास) का आसन बिछाकर बैठ जाते हैं। वे पूरी श्रद्धा, तपस्या और विनम्रता के साथ समुद्र देव का ध्यान करना शुरू करते हैं। वे अन्न-जल त्याग कर तीन दिन और तीन रातों तक लगातार समाधि में लीन रहते हैं और समुद्र से रास्ता देने की विनय करते हैं। लेकिन इस एपिसोड में यह भी दर्शाया गया है कि कभी-कभी विनम्रता को कमजोरी समझ लिया जाता है। तीन दिन बीत जाने के बाद भी समुद्र देव प्रकट नहीं होते और न ही वे वानर सेना को आगे बढ़ने का कोई मार्ग देते हैं। समुद्र की लहरें उसी उग्रता के साथ तट से टकरा रही हैं, मानो समुद्र को अपनी असीमित शक्ति और गहराई पर भारी अहंकार हो गया हो। श्री राम की यह विनम्रता और समुद्र का यह मौन दर्शकों के भीतर एक अद्भुत सस्पेंस और बेचैनी पैदा कर देता है। लक्ष्मण जी, जो स्वभाव से उग्र हैं, श्री राम के इस तप से अत्यंत व्यथित हैं और वे बार-बार राम से अनुरोध करते हैं कि वे बाणों से समुद्र को सुखा दें। एपिसोड इसी तनावपूर्ण मोड़ पर समाप्त होता है कि अब श्री राम का धैर्य टूटने की कगार पर है, जो अगले एपिसोड में एक प्रलयंकारी रूप लेने वाला है।

Leave a Comment

Movie Details

Language

Hindi

Category

ramayan

Duration

Episode 51 (Full Episode)

Release Year

1987

Ramayan EP 51 - समुद्र पार करने के लिए विचार
HD
9

Quick Download

Share This Movie

You May Also Like

Ramayan EP 1 - श्री राम भगवान्‌ का जन्म और बाललीला | Ram Janam Special Episode

Animation • Action

Ramayan EP 2 - दशरथ अपने चारों पुत्रों को आश्रम भेजा | Ram Lakshman Bharat Shatrughna Gurukul Yatra

Drama • Action

Ramayan EP 3 - अनुशासन में रहकर शिक्षा ग्रहण की | Gurukul Life & Values of Shri Ram

Mythology • Drama

Ramayan EP 4 - शिक्षा पूर्ण कर अयोध्या लौटे | Shri Ram Returns to Ayodhya After Gurukul

Mythology • Drama

Ramayan EP 5 - ताड़का वध | विश्वामित्र-यज्ञ की रक्षा | Shri Ram Kills Tadaka

Mythology • Drama

Ramayan EP 6 - राम-लक्ष्मण सहित विश्वामित्र जनकपुर प्रवेश

Adventure • Drama

Ramayan EP 7 - सीता स्वयंवर | राजाओं से धनुष न उठना

Adventure • Drama

Ramayan EP 8 - श्री राम द्वारा धनुषभंग | जयमाला पहनाना

Adventure • Drama

Ramayan EP 9 - दशरथजी के पास जनकजी का दूत भेजना

Adventure • Drama

Ramayan EP 10 - श्री सीता-राम विवाह

Adventure • Drama

Ramayan EP 11 - बारात का अयोध्या लौटना और अयोध्या में आनंद

Adventure • Drama

Ramayan EP 12 - भरत-शत्रुघ्न कैकेयी प्रदेश जाते हैं

Adventure • Drama