Ramayan EP 56 - अंगदजी का लंका जाना
Description
रामायण (1987) का छप्पनवां (56वां) एपिसोड धर्म, कूटनीति, निर्भीकता और शांति के अंतिम प्रयास का एक बहुत ही शानदार अध्याय है। लंका पर आक्रमण करने से ठीक पहले, मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम युद्ध के नियमों और वैदिक कूटनीति (साम, दाम, दंड, भेद) का पालन करते हैं। उनका मानना है कि युद्ध से पहले शत्रु को अपनी भूल सुधारने और विनाश से बचने का एक अंतिम अवसर अवश्य दिया जाना चाहिए। श्री राम इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक मिशन के लिए बालि-पुत्र युवराज अंगद को अपना शांतिदूत (Messenger) चुनते हैं। अंगद अत्यंत बुद्धिमान, बलवान और चतुर योद्धा हैं। श्री राम अंगद को निर्देश देते हैं कि वे रावण की सभा में जाएं और उसे समझाएं कि यदि वह माता सीता को ससम्मान लौटा दे और राम की शरण में आकर क्षमा मांग ले, तो राम उसे क्षमा कर देंगे और लंका को विनाश से बचा लेंगे। गुरुजनों और श्री राम का आशीर्वाद लेकर अंगद आकाश मार्ग से उड़ते हुए सीधे रावण के अत्यंत भव्य और खौफनाक राजदरबार में जा उतरते हैं। रावण के दरबार में पहुंचते ही अंगद का सामना लंका के शक्तिशाली राक्षसों और स्वयं दशानन रावण से होता है। अंगद को बैठने के लिए कोई आसन नहीं दिया जाता, जो एक दूत का अपमान है। अंगद अपनी जादुई शक्तियों से अपनी ही पूंछ को गोल घुमाकर रावण के सिंहासन से भी ऊंचा एक आसन बना लेते हैं और उस पर बैठ जाते हैं, जिसे देखकर रावण का अहंकार तिलमिला उठता है। अंगद अपना परिचय देते हैं—"मैं किष्किंधा के पूर्व राजा बालि का पुत्र अंगद हूँ, जो अब श्री राम का सेवक है।" बालि का नाम सुनते ही रावण को अपना वह पुराना अपमान याद आ जाता है जब बालि ने रावण को 6 महीने तक अपनी कांख (बगल) में दबाकर रखा था। अंगद रावण को श्री राम का शांति संदेश सुनाते हैं और कहते हैं कि सीता को लौटाकर वह अपने कुल और लंका को बचा ले। लेकिन रावण, जिसका विनाश उसके सिर पर सवार है, ज़ोर-ज़ोर से हंसता है। वह श्री राम को एक मामूली वनवासी और वानरों को जानवर कहकर उनका अपमान करता है। रावण की इन बातों से अंगद का खून खौल उठता है, और यहीं से अंगद रावण की सभा में उस ऐतिहासिक चुनौती की रूपरेखा तैयार करते हैं, जो लंका के वीरों के घमंड को चकनाचूर करने वाली है। यह एपिसोड अंगद की वाक्पटुता, निडरता और एक सच्चे दूत के आत्मविश्वास को बहुत ही भव्यता से प्रस्तुत करता है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
ramayan
Duration
Episode 56 (Full Episode)
Release Year
1987
