Ramayan EP 61 - रावण का कुम्भकर्ण को जगाना

0:00 / 0:00

Ramayan EP 61 - रावण का कुम्भकर्ण को जगाना

9
Episode 61 (Full Episode)
1987
HDAdventureDramaFamilyFantasy

Description

रामायण (1987) का इकसठवां (61वां) एपिसोड महाकाव्य के सबसे रोचक, हास्यपूर्ण लेकिन साथ ही अत्यंत खौफनाक और विशालकाय प्रसंगों में से एक है—'कुम्भकर्ण को जगाना'। श्री राम से युद्धभूमि में निहत्था होकर और जीवनदान पाकर जब रावण अपमानित होकर लंका के राजमहल में लौटता है, तो उसका सारा गुरूर मिट्टी में मिल चुका होता है। रावण को पहली बार यह एहसास होता है कि राम कोई साधारण मनुष्य नहीं हैं और उन पर विजय पाना आसान नहीं है। अपनी हार और घोर संकट को देखकर, रावण को अपने सबसे बड़े और शक्तिशाली हथियार—अपने छोटे भाई 'कुम्भकर्ण'—की याद आती है。 कुम्भकर्ण एक अत्यंत विशालकाय, पहाड़ जैसा दानव है, जिसकी शक्ति के सामने इंद्र और अन्य देवता भी कांपते हैं। लेकिन ब्रह्मा जी के एक वरदान (जो असल में सरस्वती जी के कारण श्राप में बदल गया था) के अनुसार, कुम्भकर्ण 6 महीने तक लगातार सोता है और केवल एक दिन के लिए जागकर अपार भोजन करता है। इस समय कुम्भकर्ण अपनी उसी 6 महीने वाली गहरी और अटूट नींद में सो रहा होता है। रावण अपने सेनापतियों और राक्षसों को आदेश देता है कि लंका पर आए इस भयंकर संकट को टालने के लिए कुम्भकर्ण को किसी भी कीमत पर तुरंत उसकी गहरी नींद से जगाया जाए。 राक्षसों की एक बहुत बड़ी टुकड़ी कुम्भकर्ण के उस विशाल महल में प्रवेश करती है। कुम्भकर्ण की नींद इतनी गहरी है कि उसकी सांसों (खर्राटों) से एक भयंकर तूफान पैदा हो रहा है, जिससे कई राक्षस हवा में उड़ जाते हैं। कुम्भकर्ण को जगाने की प्रक्रिया रामायण का एक अत्यंत मनोरंजक दृश्य है। राक्षस सबसे पहले उसे बुलाते हैं, लेकिन वह नहीं सुनता। फिर उसके कानों के पास बड़े-बड़े ढोल, नगाड़े, शंख और भोंपू बजाए जाते हैं, मानो कोई युद्ध शुरू हो गया हो, लेकिन कुम्भकर्ण टस से मस नहीं होता। इसके बाद राक्षस भारी-भरकम हथौड़ों, गदाओं और भालों से उसके शरीर पर प्रहार करते हैं, लेकिन उसे लगता है मानो कोई चींटी उसे गुदगुदा रही हो。 अंततः, राक्षसों को कुम्भकर्ण के पसंदीदा भोजन की व्यवस्था करनी पड़ती है। सैकड़ों भैंसों, सुअरों, और मदिरा (शराब) के बड़े-बड़े पीपे उसके सामने रखे जाते हैं। जब मांस और मदिरा की तेज महक कुम्भकर्ण की नाक तक पहुंचती है, तो वह महक उसकी भूख को जगा देती है और वह एक भयंकर जम्हाई लेते हुए उठ बैठता है। कुम्भकर्ण के उठते ही राक्षस कांपने लगते हैं। वह उठते ही पागलों की तरह वह सारा भोजन और मदिरा पी जाता है。 जब कुम्भकर्ण की भूख शांत होती है, तब रावण के मंत्री उसे लंका पर आए इस भारी संकट, माता सीता के हरण और रावण के अपमान की पूरी कहानी सुनाते हैं। यह सुनकर कुम्भकर्ण का चेहरा गंभीर हो जाता है। वह समझ जाता है कि उसके बड़े भाई रावण ने जगतजननी सीता का हरण करके एक बहुत बड़ा पाप किया है और अपने ही विनाश को निमंत्रण दिया है। कुम्भकर्ण तुरंत रावण के दरबार में पहुँचता है। यह एपिसोड कुम्भकर्ण की विशालता, उसके डरावने रूप और रावण की हताशा को बहुत ही सजीव और दिलचस्प तरीके से प्रस्तुत करता है, जो अगले एपिसोड के भयंकर युद्ध की भूमिका तैयार करता है。

Leave a Comment

Movie Details

Language

Hindi

Category

ramayan

Duration

Episode 61 (Full Episode)

Release Year

1987

Ramayan EP 61 - रावण का कुम्भकर्ण को जगाना
HD
9

Quick Download

Share This Movie

You May Also Like

Ramayan EP 1 - श्री राम भगवान्‌ का जन्म और बाललीला | Ram Janam Special Episode

Animation • Action

Ramayan EP 2 - दशरथ अपने चारों पुत्रों को आश्रम भेजा | Ram Lakshman Bharat Shatrughna Gurukul Yatra

Drama • Action

Ramayan EP 3 - अनुशासन में रहकर शिक्षा ग्रहण की | Gurukul Life & Values of Shri Ram

Mythology • Drama

Ramayan EP 4 - शिक्षा पूर्ण कर अयोध्या लौटे | Shri Ram Returns to Ayodhya After Gurukul

Mythology • Drama

Ramayan EP 5 - ताड़का वध | विश्वामित्र-यज्ञ की रक्षा | Shri Ram Kills Tadaka

Mythology • Drama

Ramayan EP 6 - राम-लक्ष्मण सहित विश्वामित्र जनकपुर प्रवेश

Adventure • Drama

Ramayan EP 7 - सीता स्वयंवर | राजाओं से धनुष न उठना

Adventure • Drama

Ramayan EP 8 - श्री राम द्वारा धनुषभंग | जयमाला पहनाना

Adventure • Drama

Ramayan EP 9 - दशरथजी के पास जनकजी का दूत भेजना

Adventure • Drama

Ramayan EP 10 - श्री सीता-राम विवाह

Adventure • Drama

Ramayan EP 11 - बारात का अयोध्या लौटना और अयोध्या में आनंद

Adventure • Drama

Ramayan EP 12 - भरत-शत्रुघ्न कैकेयी प्रदेश जाते हैं

Adventure • Drama