Mahabharat EP 21 - बलराम ने दुर्योधन को दिया गदा युद्ध की शिक्षा | महाभारत एक धर्म युद्ध

0:00 / 0:00

Mahabharat EP 21 - बलराम ने दुर्योधन को दिया गदा युद्ध की शिक्षा | महाभारत एक धर्म युद्ध

9.5
Episode 21
1988
HDMythologyDramaHistory

Description

महाभारत का इक्कीसवां (21वां) एपिसोड गुरु-शिष्य परंपरा, राजनीति और उस 'गदा युद्ध' (Mace Fighting) की नींव रखता है, जो भविष्य में कुरुक्षेत्र के महासंग्राम का अंतिम और सबसे निर्णायक युद्ध बनने वाला है। एक ओर जहाँ पांडव इंद्रप्रस्थ में अपने नए साम्राज्य और राजसूय यज्ञ की सफलता का आनंद ले रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हस्तिनापुर में दुर्योधन और शकुनि ईर्ष्या की आग में जल रहे हैं। शकुनि जानता है कि पांडवों की शक्ति दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है, और उनका सामना करने के लिए दुर्योधन को किसी ऐसे गुरु की आवश्यकता है जो उसे अजेय बना सके। शकुनि की कूटनीतिक सलाह पर, दुर्योधन द्वारिका के शासक और भगवान श्री कृष्ण के बड़े भाई—दाऊ बलराम (बलभद्र)—की शरण में जाता है। बलराम जी पूरे आर्यावर्त में गदा युद्ध के सबसे महान, शक्तिशाली और अद्वितीय योद्धा माने जाते हैं। उनका बल शेषनाग के समान असीमित है। दुर्योधन द्वारिका पहुँचकर अत्यंत विनम्रता, चापलूसी और समर्पण के साथ बलराम जी से गदा युद्ध की शिक्षा देने का आग्रह करता है। बलराम, जो स्वभाव से अत्यंत सीधे, भोले और कपट से दूर रहने वाले इंसान हैं, दुर्योधन के इस दिखावटी समर्पण और श्रद्धा से बहुत प्रभावित हो जाते हैं। वे दुर्योधन को अपना शिष्य स्वीकार कर लेते हैं। इसी दौरान, पांडव पुत्र भीम भी बलराम जी से गदा युद्ध सीखने के लिए द्वारिका आते हैं। भीम के पास अपार प्राकृतिक बल (10 हजार हाथियों का बल) है, लेकिन उनके भीतर एक प्रकार का भोलापन और थोड़ा सा अहंकार भी है। शिक्षा के दौरान, बलराम जी दोनों को गदा चलाने के दांव-पेंच सिखाते हैं। लेकिन जहाँ भीम अपने बाहुबल पर अधिक निर्भर रहते हैं, वहीं दुर्योधन अपनी पूरी एकाग्रता, तकनीक और बलराम जी की चापलूसी में लगा रहता है। दुर्योधन दिन-रात दाऊ की सेवा करता है, उनके पैर दबाता है और उन्हें यह विश्वास दिला देता है कि वह उनका सबसे सच्चा और आज्ञाकारी शिष्य है। दुर्योधन की इस अथक मेहनत और सेवा-भाव को देखकर बलराम जी का हृदय उसकी ओर झुक जाता है। वे दुर्योधन को अपना 'सबसे प्रिय शिष्य' (Favorite Disciple) मान लेते हैं और उसे गदा युद्ध के वे सभी गुप्त रहस्य और दांव-पेंच सिखा देते हैं जो उसे भविष्य में भीम के खिलाफ एक अजेय योद्धा बना देंगे। यह एपिसोड शकुनि की एक बहुत बड़ी कूटनीतिक जीत को दर्शाता है। शकुनि जानता है कि बलराम जी को अपने पक्ष में करने का अर्थ है समय आने पर द्वारिका की विशाल 'नारायणी सेना' और श्री कृष्ण के समर्थन में फूट डालना। बलराम जी का यह अंधा शिष्य-प्रेम आगे चलकर महाभारत के युद्ध में एक बहुत बड़ा धर्म-संकट पैदा करने वाला है।

Leave a Comment

Movie Details

Language

Hindi

Category

mahabharat

Duration

Episode 21

Release Year

1988

Mahabharat EP 21 - बलराम ने दुर्योधन को दिया गदा युद्ध की शिक्षा | महाभारत एक धर्म युद्ध
HD
9.5

Quick Download

Share This Movie

You May Also Like

Mahabharat EP 1 - युधिष्ठिर को युवराज घोषित करना | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama

Mahabharat EP 2 - लाक्षागृह के निर्माण की साज़िश | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama

Mahabharat EP 3 - पांडव अपनी माता कुंती के साथ पहुँचे वारणाव्रत | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama

Mahabharat EP 4 - लाक्षागृह से पांडवों को निकलने की योजना | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama

Mahabharat EP 5 - लाक्षागृह जलकर हुआ राख | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama

Mahabharat EP 6 - पांडवों के लाक्षागृह में मरने की फैली खबर | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama

Mahabharat EP 7 - विदुर ने भीष्म को बताया पाण्डवों के जीवित होने का रहस्य | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama

Mahabharat EP 8 - कुंती ने क्यों बनाया भीम को राक्षस का भोजन | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama

Mahabharat EP 9 - पांडव पहुँचे द्रौपदी के स्वयंवर में | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama

Mahabharat EP 10 - द्रौपदी ने किया कर्ण को पति के रूप में अस्वीकार | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama

Mahabharat EP 11 - अर्जुन ने भेदी मछली की आँख | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama

Mahabharat EP 12 - पांडवों के जीवित होने के समाचार मिला धृतराष्ट्र को | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mythology • Drama