
Mahabharat EP 5 - लाक्षागृह जलकर हुआ राख | महाभारत एक धर्म युद्ध
Description
महाभारत का यह एपिसोड महाकाव्य के सबसे रोमांचक, डरावने और विजुअली शानदार प्रसंगों में से एक है—'लाक्षागृह का दहन'। वह काली रात आ चुकी है जिसका इंतजार पुरोचन और दुर्योधन कर रहे थे। सुरंग का निर्माण भी अब पूरा हो चुका है, जो सीधे घने जंगल की ओर खुलती है। युधिष्ठिर को आभास हो जाता है कि पुरोचन आज रात महल में आग लगाने वाला है। इससे पहले कि पुरोचन अपनी योजना को अंजाम दे पाता, कुंती एक चाल चलती हैं। वे वारणाव्रत के नागरिकों और ब्राह्मणों के लिए एक विशाल भोज (Bhandara) का आयोजन करती हैं, जिसमें पुरोचन भी शामिल होता है। पुरोचन बहुत अधिक मदिरा (शराब) पी लेता है और गहरी नींद में सो जाता है। आधी रात के समय, जब चारों ओर सन्नाटा छा जाता है, भीम अपने भाइयों और माता कुंती को सतर्क करते हैं। भीम कहते हैं कि दुश्मन की आग से जलने के बजाय, हम खुद इस महल को राख कर देंगे। भीम अपने हाथों से महल के कई हिस्सों में आग लगा देते हैं। लाख, घी और सूखी घास से बना वह महल पलक झपकते ही भयंकर लपटों में घिर जाता है। आग इतनी विकराल होती है कि पूरा आसमान लाल हो जाता है। नशे में धुत्त पुरोचन उसी आग में फंसकर जलकर राख हो जाता है, जिस आग को उसने पांडवों के लिए बनाया था—यह कर्मों के फल का एक सटीक उदाहरण है। आग की भयंकर लपटों और धुएं के बीच, भीम अपने भाइयों और माता कुंती को सुरक्षित उस गुप्त सुरंग में ले जाते हैं। भीम का पराक्रम यहाँ देखने लायक है; जब माता कुंती और छोटे भाई धुएं से थक कर चलने में असमर्थ हो जाते हैं, तो महाबली भीम अपनी माता को अपने कंधों पर और भाइयों को अपनी भुजाओं में उठाकर उस अंधेरी सुरंग को पार करते हैं। अंततः वे घने जंगल में सुरक्षित बाहर निकल आते हैं और वहां से दूर चले जाते हैं। सुबह जब वारणाव्रत के नागरिक जलकर खाक हो चुके महल को देखते हैं, तो उन्हें वहां कुछ जली हुई लाशें मिलती हैं (जो असल में एक भीलनी और उसके पुत्रों की होती हैं, जो रात के भोज के बाद वहीं सो गए थे)। लोग यह मान लेते हैं कि पांडव और कुंती जलकर मर गए हैं। यह भयंकर और शोकपूर्ण समाचार जब हस्तिनापुर पहुँचता है, तो पितामह भीष्म और अन्य लोग गहरे शोक में डूब जाते हैं, जबकि दुर्योधन और शकुनि छुपकर अपनी इस 'जीत' का जश्न मनाते हैं। यह एपिसोड पांडवों के वनवास और उनके एक नए और अज्ञात जीवन की शुरुआत करता है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
mahabharat
Duration
Episode 5
Release Year
1988











