
Mahabharat EP 7 - विदुर ने भीष्म को बताया पाण्डवों के जीवित होने का रहस्य | महाभारत एक धर्म युद्ध
Mahabharat EP 7 - विदुर ने भीष्म को बताया पाण्डवों के जीवित होने का रहस्य | महाभारत एक धर्म युद्ध
Description
महाभारत का सातवां (7वां) एपिसोड हस्तिनापुर के राजमहल में चल रहे मनोवैज्ञानिक द्वंद्व और एक गहरे रहस्योद्घाटन (revelation) की कहानी है। लाक्षागृह की घटना के बाद, हस्तिनापुर पूरी तरह से शोक में डूबा हुआ है। पितामह भीष्म का दुःख दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। उन्होंने अन्न-जल त्याग दिया है और वे अपने प्राण त्यागने की इच्छा प्रकट करने लगे हैं। भीष्म का मानना है कि जिस राजवंश की वे रक्षा नहीं कर पाए, अब उस सिंहासन की सेवा करने का उन्हें कोई नैतिक अधिकार नहीं है। महात्मा विदुर, जो भीष्म के इस असहनीय दुःख को देख रहे हैं, समझ जाते हैं कि यदि उन्होंने अब सच नहीं बताया, तो हस्तिनापुर अपने सबसे बड़े रक्षक को खो देगा। एक रात, विदुर अत्यंत गुप्त रूप से भीष्म के कक्ष में जाते हैं। यह सुनिश्चित करने के बाद कि कोई भी गुप्तचर या दास वहां मौजूद नहीं है, विदुर पितामह भीष्म के सामने वह ऐतिहासिक सच उजागर कर देते हैं—"पितामह! रोना बंद कीजिए, आपके पौत्र (पांडव) और वधु कुंती जीवित हैं!" यह बात सुनते ही भीष्म को अपने कानों पर विश्वास नहीं होता। विदुर उन्हें दुर्योधन के पूरे षड्यंत्र, लाक्षागृह के निर्माण, और अपनी उस गुप्त सुरंग की योजना के बारे में विस्तार से बताते हैं जिससे पांडव सुरक्षित बच निकले थे। यह सच जानकर भीष्म के सूखे हुए चेहरे पर अचानक एक नई चमक और खुशी की लहर दौड़ जाती है। उनके आंसू अब दुःख के नहीं, बल्कि परम आनंद के आंसू बन जाते हैं। वे विदुर की इस महान दूरदर्शिता और कूटनीति के लिए उन्हें गले लगा लेते हैं। परंतु विदुर भीष्म से एक कठोर वचन लेते हैं कि उन्हें दुर्योधन और पूरी दुनिया के सामने यह शोक मनाने का नाटक जारी रखना होगा, क्योंकि यदि कौरवों को भनक भी लग गई कि पांडव जीवित हैं, तो वे उन्हें ढूंढकर सच में मरवा देंगे। भीष्म इस राज को अपने सीने में दफन करने का वचन देते हैं। इधर घने और खौफनाक वनों में, पांडवों का जीवन अत्यंत कष्टकारी हो गया है। कोमल शरीर वाली माता कुंती और राजकुमार लंबी यात्रा के कारण पूरी तरह से थक चुके हैं। तब महाबली भीम अपने परिवार का सहारा बनते हैं। भीम अपनी माता कुंती को अपने कंधों पर और अपने भाइयों को अपनी भुजाओं में उठाकर उस दुर्गम जंगल को पार करते हैं। उनका यह सफर उन्हें 'हिडिम्ब वन' नामक एक खौफनाक राक्षस के इलाके में ले जाता है। यह एपिसोड एक ओर हस्तिनापुर की कूटनीति और दूसरी ओर पांडवों के शारीरिक और मानसिक संघर्ष का एक बहुत ही शानदार संतुलन प्रस्तुत करता है।
Leave a Comment
Movie Details
Language
Hindi
Category
mahabharat
Duration
Episode 7
Release Year
1988











