Mahabharat EP 4 - लाक्षागृह से पांडवों को निकलने की योजना | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mahabharat EP 4 - लाक्षागृह से पांडवों को निकलने की योजना | महाभारत एक धर्म युद्ध

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Mahabharat EP 4 - लाक्षागृह से पांडवों को निकलने की योजना | महाभारत एक धर्म युद्ध

9.5
Episode 4
1988
HDMythologyDramaHistory

Description

महाभारत का यह एपिसोड सस्पेंस, रणनीति और खतरे के बीच धैर्य बनाए रखने की कहानी है। वारणाव्रत के लाक्षागृह में प्रवेश करने के बाद, युधिष्ठिर अपने भाइयों को उस महल की असलियत बताते हैं। जब भीम को यह पता चलता है कि दुर्योधन ने उन्हें जिंदा जलाने के लिए यह साजिश रची है, तो उनका खून खौल उठता है। भीम अत्यंत क्रोधित होकर अपनी गदा उठाते हैं और कहते हैं कि वे अभी जाकर उस दुष्ट पुरोचन का वध कर देंगे और वापस हस्तिनापुर जाकर कौरवों को उनके किए की सजा देंगे। परंतु धर्मराज युधिष्ठिर, जो अत्यंत शांत और दूरदर्शी हैं, भीम को रोक लेते हैं। युधिष्ठिर समझाते हैं कि यदि उन्होंने पुरोचन को मार दिया या अभी यहाँ से भाग गए, तो दुर्योधन को यह पता चल जाएगा कि उनकी साजिश नाकाम हो गई है और वह उन्हें मारने के लिए कोई और क्रूर तरीका अपनाएगा। इसलिए, सबसे बेहतर यही है कि पुरोचन और कौरवों को यह विश्वास दिलाया जाए कि पांडव इस साजिश से पूरी तरह अनजान हैं और वे आराम से अपना जीवन जी रहे हैं। युधिष्ठिर का यह निर्णय उनकी कूटनीतिक परिपक्वता को दर्शाता है। पांडव दिन में शिकार खेलने जाते हैं और रात में अत्यधिक सतर्क रहते हैं। भीम हर रात जागकर अपनी माता और भाइयों की सुरक्षा करते हैं। इसी बीच, महात्मा विदुर द्वारा भेजा गया एक अत्यंत कुशल और वफादार खनिक (Miner/सुरंग खोदने वाला) एक सामान्य नागरिक के भेष में वारणाव्रत पहुंचता है। वह छुपकर युधिष्ठिर से मिलता है और उन्हें विदुर का संदेश देता है। वह बताता है कि वह उनके लिए महल के भीतर से जंगल तक एक गुप्त सुरंग खोदेगा। दिन के समय जब पुरोचन अपनी नजरें गड़ाए रखता है, तब वह खनिक महल के एक गुप्त हिस्से में सुरंग खोदने का काम शुरू कर देता है। पांडव यह सुनिश्चित करते हैं कि किसी को भी इस सुरंग की भनक न लगे। यह एपिसोड दर्शकों को अपनी सीट के किनारे पर ले आता है, क्योंकि एक तरफ पुरोचन आग लगाने का सही समय (अमावस्या की रात) ढूंढ रहा है, और दूसरी तरफ पांडवों की सुरंग खोदने की जद्दोजहद चल रही है। समय तेजी से बीत रहा है और मौत उनके सिर पर मंडरा रही है। यह प्रसंग पांडवों की एकजुटता और संकट के समय में बुद्धि के उपयोग का एक बेहतरीन उदाहरण है।

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Movie Details

Language

Hindi

Category

mahabharat

Duration

Episode 4

Release Year

1988

Mahabharat EP 4 - लाक्षागृह से पांडवों को निकलने की योजना | महाभारत एक धर्म युद्ध
HD
9.5

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