
Mahabharat EP 28 - शकुनि ने बलराम के सामने सुभद्रा और दुर्योधन के विवाह की रखी बात | महाभारत एक धर्म युद्ध
Mahabharat EP 28 - शकुनि ने बलराम के सामने सुभद्रा और दुर्योधन के विवाह की रखी बात | महाभारत एक धर्म युद्ध
Description
महाभारत का अट्ठाईसवां (28वां) एपिसोड कूटनीति, चालाकी और हस्तिनापुर के सबसे कुटिल मस्तिष्क—शकुनि—के एक बहुत बड़े दांव (Masterstroke) को प्रस्तुत करता है। शकुनि को अपने गुप्तचरों से यह भनक लग जाती है कि द्वारिका में सुभद्रा के विवाह की चर्चा चल रही है। शकुनि राजनीति का एक बहुत गहरा खिलाड़ी है; वह जानता है कि भगवान श्री कृष्ण की बहन सुभद्रा का विवाह जिस भी राज्य में होगा, द्वारिका की अपार संपदा, अजेय 'नारायणी सेना' और दाऊ बलराम का सीधा समर्थन उसी पक्ष को मिल जाएगा। यदि सुभद्रा का विवाह किसी पांडव (विशेषकर अर्जुन) से हो गया, तो पांडव और भी अधिक शक्तिशाली हो जाएंगे और दुर्योधन का हस्तिनापुर का राजा बने रहने का सपना हमेशा के लिए टूट जाएगा。 इस भयंकर खतरे को टालने के लिए, शकुनि दुर्योधन को लेकर तुरंत द्वारिका की ओर प्रस्थान करता है। शकुनि की चाल यह है कि वह श्री कृष्ण से बात करने के बजाय सीधे दाऊ बलराम को अपने जाल में फंसाएगा, क्योंकि वह जानता है कि बलराम जी सीधे, सरल और दुर्योधन के प्रति अत्यंत भावुक हैं (क्योंकि दुर्योधन उनका शिष्य है)। द्वारिका पहुंचकर, दुर्योधन और शकुनि दाऊ बलराम से अत्यंत आदर और विनम्रता के साथ मिलते हैं। शकुनि बातों ही बातों में बलराम जी के अहंकार और उनके गुरु-प्रेम को जगाता है। वह कहता है कि दुर्योधन हस्तिनापुर का भावी सम्राट है और द्वारिका के साथ उसका संबंध जुड़ना दोनों राज्यों के लिए अत्यंत गौरव की बात होगी。 अंततः, शकुनि बहुत ही चतुराई से बलराम जी के सामने सुभद्रा और दुर्योधन के विवाह का औपचारिक प्रस्ताव रख देता है। बलराम जी, जो दुर्योधन के दिखावटी आदर और सम्मान से पहले ही अंधे हो चुके हैं, इस प्रस्ताव को सुनकर अत्यंत प्रसन्न होते हैं। बिना एक पल सोचे, बिना सुभद्रा की इच्छा जाने और बिना अपने छोटे भाई श्री कृष्ण से कोई भी विचार-विमर्श किए, बलराम जी अपनी ओर से दुर्योधन को यह पक्का वचन दे देते हैं कि सुभद्रा का विवाह उसी के साथ होगा। यह एपिसोड शकुनि की उस खतरनाक और जहरीली राजनीति का बेहतरीन उदाहरण है, जो बड़े-बड़े योद्धाओं को भी अपने जाल में फांस लेती है। दर्शकों के लिए यह दृश्य अत्यंत तनावपूर्ण होता है, क्योंकि एक ही झटके में अर्जुन और सुभद्रा के प्रेम की उम्मीदों पर पानी फिरता हुआ नजर आता है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
mahabharat
Duration
Episode 28
Release Year
1988











