Mahabharat EP 30 - दुर्योधन से सुभद्रा के विवाह की बात सुन अर्जुन और सुभद्रा हुए दुखी | महाभारत एक धर्म युद्ध

Mahabharat EP 30 - दुर्योधन से सुभद्रा के विवाह की बात सुन अर्जुन और सुभद्रा हुए दुखी | महाभारत एक धर्म युद्ध

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Mahabharat EP 30 - दुर्योधन से सुभद्रा के विवाह की बात सुन अर्जुन और सुभद्रा हुए दुखी | महाभारत एक धर्म युद्ध

9.5
Episode 30
1988
HDMythologyDramaHistory

Description

महाभारत का तीसवां (30वां) एपिसोड प्रेमियों के असीम दुःख, विवशता और राजमहल की राजनीति में कुचले जाते निर्दोष हृदयों की एक अत्यंत ही मार्मिक और रुला देने वाली कहानी है। जब यह समाचार द्वारिका के अंतापुर (रानियों के कक्ष) तक पहुंचता है कि दाऊ बलराम ने सुभद्रा का विवाह हस्तिनापुर के अभिमानी और क्रूर युवराज दुर्योधन के साथ तय कर दिया है, तो सुभद्रा के पैरों तले जमीन खिसक जाती है। जिस सुभद्रा ने अर्जुन के साथ एक सुंदर भविष्य के सपने बुने थे, उसके लिए दुर्योधन जैसे व्यक्ति के साथ विवाह की कल्पना करना भी किसी भयानक नर्क से कम नहीं है। सुभद्रा फूट-फूट कर रोने लगती है। वह अपनी भाभी रुक्मिणी और अपने सबसे प्रिय भाई श्री कृष्ण के पास जाती है और उनसे अपने प्राणों की भीख मांगती है। वह कहती है कि यदि उसका विवाह दुर्योधन से हुआ, तो वह विष खाकर अपने प्राण त्याग देगी。 इधर, आश्रम में तपस्वी के भेष में रह रहे अर्जुन को भी जब इस बात का पता चलता है, तो उनका हृदय भी गहरी पीड़ा और निराशा में डूब जाता है। अर्जुन एक महान और अजेय योद्धा हैं, वे चाहें तो पल भर में पूरी द्वारिका की सेना को परास्त कर सकते हैं, लेकिन यहाँ उनके सामने एक बहुत बड़ा धर्म-संकट है। दाऊ बलराम उनके बड़े भाई के समान हैं और उनका सम्मान करना अर्जुन का संस्कार है। इसके अलावा, अर्जुन अभी अपने 12 वर्ष के वनवास और ब्रह्मचर्य के नियमों से बंधे हुए हैं। वे असहाय महसूस करते हैं क्योंकि वे किसी भी प्रकार से बल प्रयोग करके सुभद्रा को प्राप्त नहीं कर सकते, अन्यथा इसे द्वारिका का अपमान और राजद्रोह माना जाएगा。 यह एपिसोड सुभद्रा और अर्जुन दोनों की मानसिक पीड़ा और तड़प को बहुत ही गहराई से चित्रित करता है। दर्शक इन दोनों प्रेमियों की विवशता को देखकर उनसे पूरी तरह जुड़ जाते हैं। एक ओर सुभद्रा के आंसू हैं, तो दूसरी ओर अर्जुन का मौन और उनकी लाचारी है। ऐसे भयंकर अंधकार और निराशा के समय में, भगवान श्री कृष्ण एक बार फिर आशा की एक किरण बनकर आते हैं। वे सुभद्रा के आंसू पोंछते हैं और अर्जुन को यह विश्वास दिलाते हैं कि जब तक कृष्ण उनके साथ हैं, तब तक अधर्म की कभी जीत नहीं हो सकती। यह एपिसोड उस महान और ऐतिहासिक 'सुभद्रा हरण' की पृष्ठभूमि को पूरी तरह से तैयार कर देता है, जो आने वाले एपिसोड्स में दर्शकों को रोमांचित करने वाला है।

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Movie Details

Language

Hindi

Category

mahabharat

Duration

Episode 30

Release Year

1988

Mahabharat EP 30 - दुर्योधन से सुभद्रा के विवाह की बात सुन अर्जुन और सुभद्रा हुए दुखी | महाभारत एक धर्म युद्ध
HD
9.5

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