Mahabharat EP 34 - दुर्योधन ने द्यूत क्रीड़ा में धोखा कर द्रौपदी को बनाया अपनी दासी | महाभारत एक धर्म युद्ध

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Mahabharat EP 34 - दुर्योधन ने द्यूत क्रीड़ा में धोखा कर द्रौपदी को बनाया अपनी दासी | महाभारत एक धर्म युद्ध

9.5
Episode 34
1988
HDMythologyDramaHistory

Description

महाभारत का चौंतीसवां (34वां) एपिसोड उस पतन और नैतिक दिवालियेपन (Moral Bankruptcy) का दृश्य है जिसने कुरुवंश के विनाश की नींव पक्की कर दी। द्यूत क्रीड़ा अपने सबसे खौफनाक और अमानवीय चरण में पहुँच चुकी है। धर्मराज युधिष्ठिर अपना सारा राज्य और वैभव हार चुके हैं। शकुनि अपने जहरीले शब्दों से युधिष्ठिर को और उकसाता है और कहता है कि तुम्हारे पास अभी भी बहुत कुछ है। युधिष्ठिर एक-एक करके अपने चारों भाइयों—नकुल, सहदेव, अर्जुन और महाबली भीम—को दांव पर लगा देते हैं और शकुनि के जादुई पासों के आगे उन्हें भी हार जाते हैं। इसके बाद युधिष्ठिर स्वयं को दांव पर लगाते हैं और खुद को भी हारकर दुर्योधन के दास (गुलाम) बन जाते हैं。 सभा में सन्नाटा पसरा है। दुर्योधन का अहंकार सातवें आसमान पर है। तभी शकुनि अपना सबसे घिनौना और आखिरी दांव खेलता है। वह युधिष्ठिर से कहता है कि "तुम अभी सब कुछ नहीं हारे हो, तुम्हारे पास अभी भी तुम्हारी महारानी, पांचाली (द्रौपदी) बाकी है। यदि तुम उसे दांव पर लगाओ, तो मैं तुम्हें तुम्हारा सब कुछ वापस कर दूंगा।" विवेक और बुद्धि खो चुके युधिष्ठिर, एक भयंकर मानसिक द्वंद्व के बाद, अपनी पत्नी द्रौपदी को भी दांव पर लगा देते हैं। "मैंने द्रौपदी को दांव पर लगाया!"—यह वाक्य सुनते ही सभा में हाहाकार मच जाता है। विदुर इसका कड़ा विरोध करते हैं, लेकिन शकुनि पासे फेंकता है और दुर्योधन द्रौपदी को भी जीत लेता है。 दुर्योधन अपनी जीत के नशे में चूर होकर अपने सारथी प्रातिकामी को आदेश देता है कि वह दासियों के कक्ष में जाए और द्रौपदी को घसीट कर भरी सभा में लेकर आए। जब द्रौपदी आने से इंकार कर देती है, तो दुर्योधन अपने क्रूर और निर्दयी भाई दुशासन को यह काम सौंपता है। दुशासन द्रौपदी के कक्ष में पहुँचता है। द्रौपदी, जो उस समय रजस्वला (Menstruating) थीं और जिन्होंने केवल एक ही वस्त्र (एक-वस्त्रा) धारण किया हुआ था, दुशासन से रहम की भीख मांगती हैं। लेकिन दुशासन उनके केश (बाल) पकड़ लेता है और उन्हें बेरहमी से घसीटते हुए राजदरबार की ओर ले जाने लगता है। यह एपिसोड नारी के सम्मान पर हुए उस सबसे बड़े प्रहार का दर्दनाक चित्रण है, जिसने युगों तक मानवता को शर्मसार किया।

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Movie Details

Language

Hindi

Category

mahabharat

Duration

Episode 34

Release Year

1988

Mahabharat EP 34 - दुर्योधन ने द्यूत क्रीड़ा में धोखा कर द्रौपदी को बनाया अपनी दासी | महाभारत एक धर्म युद्ध
HD
9.5

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