Mahabharat EP 49 - भीष्म बने कौरवों के सेनापति | महाभारत एक धर्म युद्ध
Description
महाभारत का छियालीसवां (46वां) एपिसोड युद्ध की तैयारियों, रणनीतिक गठबंधनों और सेनापतित्व (Commandership) के चयन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अध्याय है। जब यह पूरी तरह से स्पष्ट हो जाता है कि युद्ध अटल है, तो दोनों पक्ष अपनी-अपनी सेनाओं का गठन और सेनापतियों का चुनाव करने में जुट जाते हैं। दुर्योधन अपनी 11 अक्षौहिणी विशाल सेना का प्रधान सेनापति गंगापुत्र भीष्म को बनाना चाहता है। दुर्योधन जानता है कि जब तक पितामह भीष्म सेनापति रहेंगे, दुनिया की कोई भी ताकत कौरवों को हरा नहीं सकती। दुर्योधन भीष्म पितामह के पास जाकर उनसे सेनापति का पद स्वीकार करने का आग्रह करता है। पितामह भीष्म भारी मन से इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेते हैं, क्योंकि उन्होंने हस्तिनापुर के सिंहासन की रक्षा का आजीवन व्रत लिया था। लेकिन वे दुर्योधन के सामने दो अत्यंत कठोर शर्तें रख देते हैं। पहली शर्त यह कि वे युद्ध में हर दिन 10,000 सैनिकों का वध तो करेंगे, लेकिन वे किसी भी पांडव (कुंती के पांचों पुत्रों) का वध नहीं करेंगे। दूसरी शर्त यह कि जब तक वे (भीष्म) रणभूमि में सेनापति के रूप में युद्ध करेंगे, तब तक सूर्यपुत्र कर्ण युद्ध के मैदान में प्रवेश नहीं करेगा, क्योंकि कर्ण और भीष्म के बीच वैचारिक और व्यक्तिगत मतभेद हैं। यह दूसरी शर्त कर्ण के लिए एक बहुत बड़ा अपमान होती है। कर्ण, जो दुनिया का सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर है और युद्ध के लिए लालायित है, इस शर्त से तिलमिला उठता है। लेकिन दुर्योधन के प्रति अपनी अटूट वफादारी के कारण, वह अपना क्रोध पी जाता है और प्रतिज्ञा करता है कि जब तक भीष्म पितामह युद्धभूमि में हैं, वह शस्त्र नहीं उठाएगा। दूसरी ओर, पांडव अपनी 7 अक्षौहिणी सेना का प्रधान सेनापति पांचाल नरेश द्रुपद के पुत्र 'धृष्टद्युम्न' को चुनते हैं, जिनका जन्म ही द्रोणाचार्य के वध के लिए हुआ है। सबसे बड़ी बात यह तय होती है कि साक्षात द्वारिकाधीश भगवान श्री कृष्ण युद्ध में शस्त्र नहीं उठाएंगे, बल्कि वे अर्जुन के रथ के 'सारथी' (पार्थसारथी) बनेंगे। यह एपिसोड एक ओर पितामह भीष्म के उस दुखद धर्म-संकट को दर्शाता है जहाँ उन्हें अपने ही प्रिय पोतों (पांडवों) के खिलाफ तलवार उठानी है, और दूसरी ओर युद्ध के लिए एक सुगठित नेतृत्व की नींव रखता है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
mahabharat
Duration
Episode 49
Release Year
1988












