Mahabharat EP 81 - भीष्म ने दिया द्रौपदी को सदा सुहागन होने का आशीर्वाद | महाभारत एक धर्म युद्ध
Mahabharat EP 81 - भीष्म ने दिया द्रौपदी को सदा सुहागन होने का आशीर्वाद | महाभारत एक धर्म युद्ध
Description
महाभारत का अठहत्तरवां (78वां) एपिसोड भगवान श्री कृष्ण की उस चतुर और अचूक कूटनीति का प्रमाण है जिसने पांडवों के प्राण बचा लिए। भीष्म की प्रतिज्ञा का समाचार जब श्री कृष्ण को मिलता है, तो वे तुरंत एक योजना बनाते हैं। रात के अंधेरे में, श्री कृष्ण द्रौपदी को लेकर भीष्म के शिविर के बाहर जाते हैं। वे द्रौपदी से कहते हैं कि वे अंदर जाकर पितामह के चरण स्पर्श करें। द्रौपदी जब भीष्म के चरण छूती हैं, तो भीष्म बिना देखे उन्हें 'अखंड सौभाग्यवती भव' (सदा सुहागन रहो) का आशीर्वाद दे देते हैं। जब वे नजर उठाकर देखते हैं कि वह द्रौपदी है, तो वे समझ जाते हैं कि यह श्री कृष्ण की चाल है। अब भीष्म के सामने धर्म-संकट खड़ा हो जाता है, क्योंकि वे अपना आशीर्वाद वापस नहीं ले सकते और अब वे पांडवों का वध नहीं कर सकते।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
mahabharat
Duration
Episode 81
Release Year
1988












