Mahabharat EP 86 - माँ गंगा ने बाणों की शैया पर लेटे भीष्म को दिया दर्शन | महाभारत एक धर्म युद्ध
Mahabharat EP 86 - माँ गंगा ने बाणों की शैया पर लेटे भीष्म को दिया दर्शन | महाभारत एक धर्म युद्ध
9.5
•Episode 86
•1988
HDMythologyDramaHistory
Description
महाभारत का तिरासीवां (83वां) एपिसोड मातृ-प्रेम और एक महान आत्मा की पीड़ा का एक अत्यंत ही आध्यात्मिक और भावुक दृश्य प्रस्तुत करता है। बाणों की शैया पर लेटे भीष्म अपनी मृत्यु की प्रतीक्षा कर रहे हैं। इस असहनीय पीड़ा की घड़ी में, उनकी माता, स्वयं देवी गंगा (Goddess Ganga), अपने पुत्र के इस हाल को देखकर धरती पर प्रकट होती हैं। माँ गंगा विलाप करती हैं कि उनके इतने पराक्रमी और धर्मपरायण पुत्र को यह कैसी सजा मिल रही है। भीष्म अपनी माता को सांत्वना देते हैं और कहते हैं कि यह उनके कर्मों का फल है, क्योंकि उन्होंने हस्तिनापुर के सिंहासन से बंधकर द्रौपदी के चीर-हरण जैसे घोर पाप को अपनी आंखों से देखा और चुप रहे। यह संवाद धर्म और कर्म के सिद्धांतों पर बहुत गहरा प्रकाश डालता है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
mahabharat
Duration
Episode 86
Release Year
1988












