Mahabharat EP 88 - कौरवों के सेनापति बने गुरु द्रोणाचार्य तो पांडवों को हुई चिंता | महाभारत एक धर्म युद्ध
Mahabharat EP 88 - कौरवों के सेनापति बने गुरु द्रोणाचार्य तो पांडवों को हुई चिंता | महाभारत एक धर्म युद्ध
Description
महाभारत का पचासीवां (85वां) एपिसोड एक नए सेनापति के चयन और उसके कारण उत्पन्न हुई पांडवों की चिंता को दर्शाता है। भीष्म पितामह के युद्धभूमि से हटने के बाद, कौरव सेना के नेतृत्व का संकट पैदा हो जाता है। दुर्योधन और कर्ण की सलाह पर, गुरु द्रोणाचार्य को कौरवों का नया प्रधान सेनापति नियुक्त किया जाता है। गुरु द्रोण, जो अर्जुन और अन्य पांडवों के गुरु हैं, अस्त्र-शस्त्र और व्यूह-रचना के अद्वितिय ज्ञाता हैं। द्रोणाचार्य का सेनापति बनना पांडवों के लिए एक बहुत बड़ी चिंता का विषय बन जाता है, क्योंकि वे जानते हैं कि द्रोण किसी भी मोर्चे पर भीष्म से कम नहीं हैं। द्रोणाचार्य प्रतिज्ञा करते हैं कि वे धर्मराज युधिष्ठिर को बंदी बनाकर दुर्योधन के सामने पेश करेंगे, जिससे युद्ध का रुख पूरी तरह से बदल जाएगा।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
mahabharat
Duration
Episode 88
Release Year
1988












