Mahabharat EP 90 - दानवीर कर्ण ने दान किए अपने कवच और कुंडल | महाभारत एक धर्म युद्ध
Mahabharat EP 90 - दानवीर कर्ण ने दान किए अपने कवच और कुंडल | महाभारत एक धर्म युद्ध
Description
महाभारत का सतासीवां (87वां) एपिसोड इतिहास के सबसे बड़े दान और कर्ण की उस महानता को प्रस्तुत करता है, जिसने उन्हें 'दानवीर कर्ण' के नाम से अमर कर दिया। सूर्य देव पहले ही कर्ण को स्वप्न में चेतावनी दे चुके थे कि इंद्र ब्राह्मण का भेष धरकर उससे कवच-कुंडल मांगने आएंगे। इसके बावजूद, जब देवराज इंद्र एक गरीब ब्राह्मण का भेष धारण करके दोपहर के समय (जब कर्ण सूर्य पूजा के बाद किसी को खाली हाथ नहीं लौटाते) कर्ण के पास आते हैं, तो वे दान में कर्ण के वे अभेद्य कवच और कुंडल मांग लेते हैं। कर्ण जानते हुए भी कि यह उनके प्राणों का सौदा है, बिना किसी संकोच के एक खंजर से अपने शरीर से जुड़े हुए उस कवच और कुंडल को काटकर लहूलुहान अवस्था में उस ब्राह्मण (इंद्र) को सौंप देते हैं। कर्ण का यह दान महाभारत के सबसे भावुक और महान क्षणों में से एक है।
Leave a Comment
Movie Details
Language
Hindi
Category
mahabharat
Duration
Episode 90
Release Year
1988












