Mahabharat EP 91 - देवेंद्र ने कर्ण की दान भावना देख वरदान में दी दिव्य शक्ति | महाभारत एक धर्म युद्ध
Mahabharat EP 91 - देवेंद्र ने कर्ण की दान भावना देख वरदान में दी दिव्य शक्ति | महाभारत एक धर्म युद्ध
Description
महाभारत का अठासीवां (88वां) एपिसोड कर्ण की दानवीरता के परिणाम स्वरूप प्राप्त हुए एक महाविनाशकारी वरदान की कहानी है। जब देवराज इंद्र (देवेंद्र) कर्ण के इस अभूतपूर्व और अकल्पनीय दान को देखते हैं, तो उनका सिर शर्म और श्रद्धा से झुक जाता है। इंद्र अपने असली रूप में प्रकट होते हैं और कर्ण की इस महानता की भूरि-भूरि प्रशंसा মোহ से बाहर आकर करते हैं। ग्लानि और सम्मान के वशीभूत होकर, इंद्र कर्ण से कहते हैं कि वे बदले में कुछ भी मांग सकते हैं। कर्ण अपने शत्रुओं (विशेषकर अर्जुन) का नाश करने के लिए इंद्र की 'अमोघ शक्ति' (Vasavi Shakti) मांगते हैं। इंद्र वह दिव्य अस्त्र कर्ण को देते हैं, लेकिन एक शर्त के साथ—कि कर्ण इस अस्त्र का प्रयोग केवल एक ही बार कर सकेगा और यह अस्त्र अपने लक्ष्य का वध करके ही वापस इंद्र के पास लौट जाएगा। यह अस्त्र कर्ण को अर्जुन के खिलाफ एक अजेय बढ़त दे देता है।
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Movie Details
Language
Hindi
Category
mahabharat
Duration
Episode 91
Release Year
1988












